Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

गुरुग्राम में वर्षों से लटकी समस्या का जल्द निवारण : जलआपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम का कायाकल्प होगा

मुख्यमंत्री ने संबंधित आला अफसरों को इस तरह के मामलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से करने के लिए कहा था। जिसके लंबे वक्त से लंबित मामलों पर फोकस कर निपटारा करने के क्रम में जब अफसरों ने पैसे की कुछ कमी की बात कही, तो सीएम ने खासतौर पर पेयजल और ड्रेनेज के लिए 110 करोड़ की राशि मंजूर भी की है।

गुरुग्राम में वर्षों से लटकी समस्या का जल्द निवारण : जलआपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम का कायाकल्प होगा
X

मुख्यमंत्री मनोहर लाल

योगेंद्र शर्मा : चंडीगढ़

अंतरराष्ट्रीय शहर गुरुग्राम में जल आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर आ रहीं दिक्कतों को दूर करने के लिए अब खास मुहिम अभियान चलेगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद भी आला-अफसरों को किसी भी सूरत में कार्यों का निपटारा करने का आदेश दिया है। लीगल पचड़ों और कईं अन्य तरह की तकनीकी दिक्कतों के कारण कईं स्थानों पर पेयजल आपूर्ति और ड्रेनेज की लाइन बिछ जाने के बावजूद भी इन सुविधाओं का कोई फायदा शहर को नहीं मिल रहा था।

मुख्यमंत्री ने संबंधित आला अफसरों को इस तरह के मामलों का निपटारा समयबद्ध तरीके से करने के लिए कहा था। जिसके लंबे वक्त से लंबित मामलों पर फोकस कर निपटारा करने के क्रम में जब अफसरों ने पैसे की कुछ कमी की बात कही, तो सीएम ने खासतौर पर पेयजल और ड्रेनेज के लिए 110 करोड़ की राशि मंजूर भी की है। जीएमडीए के कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल की खासतौर पर ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंंने बताया कि गुरुग्राम शहर में लगभग 490 एमएलडी स्वच्छ पेयजल की मांग है और लगभग 530 एमएलडी स्वच्छ पेयजल बसई और चंदू बुढेड़ा के ट्रीटमेंट प्लांटों से दिया जा रहा है। लेकिन भविष्य में नए सेक्टर और नए एरिया में भी आपूर्ति करना है, इसलिए भविष्य को ध्यान में ऱखकर कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं।

सेक्टर 58 से 115 तक की बाधाएं दूर करना अहम

गुरुग्राम में सेक्टर 58 से 115 तक की बाधाए दूर करने का काम बेहद ही चुनौती भरा है, क्योंकि काफी हद तक ड्रेनेज और पेयजल की पाइप लाइन डल जाने के बाद भी इनकी कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण इनका उपयोग नहीं हो पा रहा था। जिसके कारण कईं प्रकार की चुनौतियां और परेशानी नए सेक्टरों में सिरदर्द बनी हुई हैं। कुल मिलाकर सिरदर्दी सबसे ज्यादा लीगल पचड़े थे, इसके अलावा बीच बीच में कुछ अन्य अड़चन पिछले कईं बरसों से प्रशासन का सिरदर्द बना हुआ है। इन सभी समस्याओं पर फोकस करते हुए अधिकांश मामलों में निराकरण की ओर से बढ़ा जा रहा है। लगभग पचास मामलों का निस्तारण कर काफी बड़ी बाधा को दूर कर लिया गया है। इसी तरह से आने वाले दिनों में अधिकारी बाकी मासलों का भी हल ढूंढ़ रहे हैं।

110 करोड़ की राशि मंजूर

नए विकसित हो रहे सेक्टर 58 से 115 व नगर निगम के दायरे मे आए 23 नए गांवों को ध्यान में रखते हुए कई तरह की योजना बनाकर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में सीएम ने खासतौर पर लगभग 110 करोड़ की राशि मंजूर कर दी है।गुरुग्राम शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली गुरुग्राम वॉटर सप्लाई चैनल को आरसीसी बॉक्स चैनल के रूप मे विकसित करने की रणनीति तैयार है। इस पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सुधीर राजपाल का कहना है कि भविष्य को ध्यान में रखते हुए हम ट्रीटेड वेस्ट वॉटर प्रयोग पॉलिसी पर भी फोकस कर रहे हैं, ताकि गुरुग्राम में लगभग 64 फीसदी पानी का उपयोग दोबारा हो सके।

एक दशक से चले आ रहे थे पचड़े

कुछ इस तरह के मसले भी अब हल हो रहे हैं, जिनके कारण कामकाज आगे बढ़ने की बजाय वहीं का वहीं पड़ा हुआ था। इतना ही नहीं धीरे धीरे इसे एक दशक का वक्त बीत चुका था। लेकिन अफसरों के प्रयास और सीएम के दिशा निर्देशों के बाद में इन्हें जल्द से जल्द निपटारा करने की मुहिम चली, उसी का असर है कि नए सेक्टरों के साथ साथ में गांंवों की समस्या भी समाप्त हो जाएगा।

लंबित मामलों और अड़चन दूर करने की मुहिम

जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर राजपाल का कहना है कि हमने काफी वक्त से लंबित मामलों का निपटारा करने के साथ ही लोगों को राहत प्रदान करने के गंभीर प्रयास किए हैं। इस क्रम में सेक्टर-58 से 115 तक मूलभूत ढांचे में 221 स्थानों पर आ रहे गतिरोध को पूरी रह से दूर करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। वर्तमान में हमने 48 स्थानों पर गतिरोध दूर कर लिया है, इसके अलावा 171 स्थानों पर भी अभी भी गतिरोध हैं, इनको दूर करने की प्रक्रिया जारी है।

और पढ़ें
Next Story