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बूंदाबांदी ने प्रदूषण पर लगाया लॉक, कई गुणा सुधरी वायु गुणवत्ता

महज 24 घंटे के भीतर एक्यूआई में जहां तीन गुणा की गिरावट दर्ज हुई, वहीं पीएम-2.5 व पीएम-10 का लेवल भी करीब 9 गुणा कम हुआ है।

बूंदाबांदी ने प्रदूषण पर लगाया लॉक, कई गुणा सुधरी वायु गुणवत्ता
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 बूंदाबांदी के बाद प्रदूषण मुक्त हुआ आसमान।

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

रविवार रात से हुई बूंदाबांदी और हवा चलने से सोमवार को बहादुरगढ़ की वायु गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। महज 24 घंटे के भीतर एक्यूआई में जहां तीन गुणा की गिरावट दर्ज हुई, वहीं पीएम-2.5 व पीएम-10 का लेवल भी करीब 9 गुणा कम हुआ है। जानकारों के अनुसार मौसम नम होकर सर्दी का अहसास कराएगा। सोमवार को न्यूनतम तापमान 20 और अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

बता दें कि रविवार सुबह साढ़े दस बजे जहां एक्यूआई 231 और पीएम-2.5 का स्तर 181 पर रिकॉर्ड किया गया। वहीं मौसम बदलने के बाद सोमवार सुबह साढ़े 10 बजे एक्यूआई 71 और पीएम-2.5 का लेवल 22 दर्ज हुआ। पीएम-10 का स्तर पर भी रविवार को 205 और सोमवार को 29 रिकॉर्ड हुआ। सीपीसीबी की गाइडलाइन के अनुसार एक्यूआई 0-50 तक अच्छी, 51-100 तक संतोषजनक, 101-200 तक मध्यम, 201-300 तक खराब, 301-400 तक बहुत खराब और 401-500 तक वायु गुणवत्ता खतरनाक स्थिति में रहती है।

दरअसल, हाई ब्लड प्रेशर, इंडोर प्रदूषण, तंबाकू, धूमपान एवं पोषण की कमी के बाद वायु प्रदूषण अब पांचवां सबसे बड़ा किलर बन गया है। तापमान कम होने से हवा में तैरते प्रदूषित कण निचली सतह में आ जाते हैं। एनसीआर की हवा में निकिल, कैडमियम, लेड, मालिब्डेनम और जिंक जैसे भारी तत्व बढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार बीते एक दशक में वायु प्रदूषण की वजह से एक्यूटर लोअर रिस्पेरेटरी इंफेक्शन, सीओपीडी, हार्ट डिसीज, लंग्स कैंसर के मरीज कई गुना बढ़़े। भारत में 2000 से 2010 के बीच प्री-मेच्योर मौतें छह गुना थी। जो 2020 तक दस गुना हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वायु प्रदूषण से होने वाली मौतों में 57 फीसदी योगदान पीएम 2.5 का था। बहादुरगढ़ में पुराने डीजल वाहन, ईंट भट्ठों, भवन निर्माण सामग्री, खस्ताहाल सड़कों से उठती धूल, औद्योगिक चिमनियां, जनरेटर और कचरा जलाने से बड़ी मात्रा में वायु प्रदूषण दर्ज होता है।

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