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हरियाणा के कृषि मंत्री JP Dalal के विवादित बयान पर मचा बबाल, जानें किसानों के लिए क्या कहा

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किसान आंदोलन में मरे 200 किसानों पर अपरिपक्व बयान देते हुए कहा कि ये किसान स्वेच्छा से मरे है। अगर एक.दो लाख किसान होते है तो उनमें इतने तो घर पर भी मरते है।

Agriculture Minister JP Dalal
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कृषिमंत्री जेपी दलाल।

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का एक विवादित बयान देने वाला वीडियाे सामने आया है। जिसकी चारों ओर निंदा हो रही है। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा व कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला समेत अनेक किसान नेताओं और लोगों ने उनके बयान की निंदा की है।

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने किसान आंदोलन में मरे 200 किसानों पर अपरिपक्व बयान देते हुए कहा कि ये किसान स्वेच्छा से मरे है। अगर एक.दो लाख किसान होते है तो उनमें इतने तो घर पर भी मरते है। मजाकिया लहजे में उनके प्रति संवेदनाए वक्त की। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि वे यूपी में सरकारी या सार्वजनिक सम्पति तोड़ने से होने वाले नुकसान की भरपाई दंगाईयों से करने का कानून बना है। वे इस तरह के कानून बनाए जाने की हरियाणा में भी वकालत करेंगे। सार्वजनिक सम्पति को नुकसान होता है वह जनता की ही तो प्रोपर्टी है।

वे शनिवार को भिवानी के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पीछे पश्चिमी यूपी का एक नेता आया था और पूरे प्रदेश में आंदोलन को सुलगा कर चला गया। जिसके चलते प्रदेश के अनेक युवाओं के खिलाफ आज भी केस चल रहे है। अब फिर पश्चिमी यूपी का एक अन्य नेता प्रदेश के भोले-भाले किसानों को बरगलाकर सड़कों पर ला रहा है। उक्त सड़क छाप नेता की भी पहले वाले पश्चिमी यूपी के नेता जैसी मंशा है। किसान उक्त किसान नेता को पगड़ी पहनाकर सम्मानित कर रहे है। अगर उनको इस नेता में कोई खोट नहीं दिखता तो पहले वाले को भी बुलाकर पगड़ी पहनाए। बाहरी नेता प्रदेश के भोले.भाले किसानों को गुमराह कर रहे है। मांगों को लेकर आंदोलन करने का सभी को हक है,लेकिन किसान अपने प्रांत के किसान नेता की अगुवाई में इक्कठे हो तो बेहतरीन होगा। उन्होंने कहा कि अगर बाहरी किसान नेता उनके इतने ही हितैषी है तो वे मंच से एक बार ही एसवाईएल के पानी के मुद्दे को उठाए और समाधान होने तक एक साथ संघर्ष के लिए हामी भरे।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए डीजल व पेट्रोल तेल की कीमतों में बेेहताशा बढौतरी हुई है के सवाल पर कृषि मंत्री ने कहा कि पांच-दस साल में बिजली के वाहन आ जाएंगे। अपने आप डीजल व पेट्रोल की खपत कम हो जाएगी। वे यही नहीं रूके पत्रकारों से कहा कि वे पंजाब व राजस्थान में तेल का रेट कम करवा दे तो वे हरियाणा में अपने आप कम करवा देंगे। तेल सभी जगह महंगा है। आंदोलन के दौरान किसानों की मौत पर संवेदनाए वक्त करने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हमारी संवेदनाए है। आंदोलन स्थल पर जिन लोगों की मौत हुई है, टाइम पूरा होने पर उनकी घर पर भी मौत हो सकती थी।

नाम किसान का,चमकने लगा लाल झंडा

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि आंदोलन में नाम किसान का है,पर उसमें लाल झंडा ज्यादा चमकने लगा है। लाल झंडे वालों ने तो उद्योग क्षेत्र को बर्बाद कर दिया। अब किसानों के साथ आए है। रिजल्ट क्या होगा। भविष्य ही बताएगा। उन्होंने कहा कि टेलीफोन के टॉवर तोड़ने वाले किसान नहीं हो सकते। ऐसा कार्य किसान नहीं कर सकते। किसान बहादुर कौम है। बेवजह उनको आंदोलन की आग में धकेलकर उक्त झंडे वाले अपनी राजनीति रोटियां सेक रहे है। कृषि कानूनों पर कहा कि कोई भी बिल किसान के खिलाफ नहीं है। सरकार विकल्प दे रही है। फिलहाल पुरानी व्यवस्था हटाई तो नहीं है।

वहीं कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ट्वीट कर कृषि मंत्री के बयान की निंदा की है।


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