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Corona Effect : सब्जियों के गिरे दाम, पास न बनने की वजह से रेहड़ी संचालकों के सामने गहराया आर्थिक संकट

मार्केट कमेटी ने सब्जियों व फलों की रेट लिस्ट जारी की है। यही नहीं सख्त निर्देश दिए गए है कि अगर कोई विक्रेता इस रेट लिस्ट से अधिक भाव मं सब्जी या फल बेचता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Corona Effect : सब्जियों के गिरे दाम, पास न बनने की वजह से रेहड़ी संचालकों के सामने गहराया आर्थिक संकट
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 सब्जी मंडी के बाहर लगी रेहडि़यां।

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार द्वारा साप्ताहिक लॉकडाउन के बाद सप्ताह भर का पूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया है। जिसके बाद सोनीपत सब्जी मंडी में सब्जियों के दामों में गिरावट आ गई है। मार्केट कमेटी की तरफ से सोनीपत सब्जी मंडी में सब्जियों के दाम तय किए गए है, परन्तु ग्राहकों की कमी की वजह से सब्जियां खराब होने के भय से विक्रेता कम दामों में सब्जियां बेचने के लिए तैयार है।

जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मार्केट कमेटी ने टमाटर के भाव 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किए है, परन्तु रेहड़ी संचालक ग्राहकों की कमी में 10 से 12 रुपये प्रति किलोग्राम में भी सब्जियां बेचने के लिए तैयार है। इसी तरह मार्केट कमेटी ने 50 से 55 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से भिंडी का भाव तय किया है। परन्तु रेहड़ी संचालकों ने सोमवार को 30 रुपये में भिंडी बेची। रेहड़ी संचालकों ने बताया कि साप्ताहिक लॉकडाउन के बाद उम्मीद थी कि सोमवार को ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, परन्तु एक सप्ताह का लॉकडाउन लगा दिया गया है। ऐसे में सुबह अधिक सब्जियां आढ़तियों से खरीद ली, अब ग्राहकों की कमी की वजह से बिक नही रही है। ऐसे में सस्ती सब्जी बेचकर नुकसान से बचने की कोशिश की जा रही है।

मार्केटिंग कमेटी जारी करे पास, चल सकेगी रोजी-रोटी

सप्ताह भर तक लॉकडाउन लगने के बाद सब्जियां बेचने वाले रेहड़ी संचालकों ने मार्केट कमेटी पर पास जारी न करने के आरोप लगाते हुए रोष प्रकट किया। रोषित रेहड़ी संचालकों ने बताया कि सप्ताह भर पहले पास के लिए आवेदन किया था,परन्तु अब तक पास जारी नही किया गया है। सब्जी मंडी के अंदर सब्जियां बेचने पर रोक लगा दी गई है। वहीं बाहर पुलिस वाले रेहड़ी नहीं लगाने दे रहे हैं। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। सब्जियां बेचकर ही वे अपने परिवार का पेट भरने का काम करते हैं। रेहड़ी संचालकों ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द उनके पास जारी किए जाए, ताकि वे भी सब्जियां बेचकर अपने घर का खर्च चला सके।

रेट लिस्ट जारी, मुनाफाखोरों पर शिकंजा

वहीं दूसरी तरफ लॉकडाउन के नाम पर लोगों को महंगी सब्जियां व फल बेचने वाले मुनाफाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मार्केट कमेटी ने सोमवार को सब्जियों व फलों की रेट लिस्ट जारी की है। यही नहीं सख्त निर्देश दिए गए है कि अगर कोई विक्रेता इस रेट लिस्ट से अधिक भाव मं सब्जी या फल बेचता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को जारी की गई रेट लिस्ट के अनुसार करेला का भाव 30-35 रुपये प्रति किलोग्राम, घीया खीरा, टमाटर, तरबूज व बैंगन का भाव 15-20 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किए गए है। इसी तरह से आम 50 से 70 रुपये किलो, केला 50 से 60 रुपये प्रति किलो तथा सेब का भाव 130 से 160 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है।

लॉकडाउन लगने के बाद परेशानी बढ़ गई

रोहताश, अमीर सिंह, जगमेंद्र, दिनेश, अनिल, मोहन ने बताया कि लॉकडाउन लगने के बाद परेशानी बढ़ गई है। मंडी के अंदर सब्जियां बेचने पर बैन लग गया है, वहीं बाहर पुलिस वाले सब्जियां नही बेचने दे रहे हैं। मार्कीट कमेटी में सप्ताह भर पहले पास के लिए आवेदन किया था, परन्तु अब तक पास जारी नही किया गया है। ऐसे में आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द उन्हें सब्जियां बेचने की इजाजत दी जाए। ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके।


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