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घरेलू विवाद में परिवार का खात्मा : दिल्ली पुलिस के सिपाही ने मां-बाप की हत्या कर जलाए शव, खुद भी जहर खाकर दी जान

मृतक रामधन स्वास्थ्य विभाग में चालक के पद से सेवानिवृत्त था और किताबो आंगनबाड़ी वर्कर थी। जबकि उनका बेटा दीपक दिल्ली पुलिस में कार्यरत था।

घरेलू विवाद में परिवार का खात्मा : दिल्ली पुलिस के सिपाही ने मां-बाप की हत्या कर जलाए शव, खुद भी जहर खाकर दी जान
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मौके पर मौजूद ग्रामीण और पुलिस। 

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

खरखौदा के मटिंडू गांव में रहने वाले दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने अपने माता-पिता की तेजधार हथियार से वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद बुजुर्ग माता-पिता के शवों को आग लगा दी। इतना ही नहीं उसके बाद खुद भी चौबारे में जाकर जहर खाकर जान दे दी। आसपास के लोग जब दीवार फांद कर घर में घुसे तो वारदात का पता लगा। बुजुर्ग दंपति की तो मौत हो चुकी थी, वहीं सिपाही बेसुध पड़ा हुआ था। जिसे अस्पताल में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।

इस पूरे मामले में सिपाही के बड़े भाई जोकि खुद भी दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर है, उसकी शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे की वजह घरेलू कलह को बताया जा रहा है। जानकारी अनुसार गांव मटिंडू हाल आबाद सेक्टर 7 सोनीपत निवासी दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर के तौर पर कार्यरत है और काफी समय से सोनीपत के सेक्टर 7 में पत्नी व बच्चों के साथ रहता है। दिनेश के अनुसार उसके पिता रामधन, माता किताब कौर व भाई दीपक गांव मटिंडू में ही रहते हैं। दिनेश के अनुसार रविवार की सुबह उसके पास पिता रामधन के नंबर से फोन आया था। फोन पर बताया गया कि घर में आग लग गई है। इसके बाद पड़ोसियों को सूचना दी गई। पड़ोसी घर की दीवार फांद कर अंदर घुसे तो कमरों से धुआं निकल रहा था। अंदर पहुंचे ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि घर में रामधन (64) व उसकी पत्नी किताब कौर (60) अधजली हालत में मृत पड़े थे।

ग्रामीणों ने मेन गेट का ताला तोड़ा और इसके बाद आग बुझाई। ग्रामीणों ने ऊपर जाकर देखा तो कमरे में दीपक बेसुध पड़ा था। दीपक को अस्पताल ले जाया गया, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भिजवा दिया। देर शाम तीनों के शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया। डीएसपी डा.रवींद्र कुमार ने मौके पर जाकर घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल की टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए। पुलिस ने दिनेश के बयान व घटनास्थल पर मिले सबूत के आधार पर दीपक के खिलाफ हत्या व शवों को खुर्द-बुर्द करने के बाद जहर खाकर जान देने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। बता दें कि रामधन स्वास्थ्य विभाग में चालक के पद से सेवानिवृत्त थे और किताब कौर आंगनवाड़ी वर्कर थी।

घरेलू बात की रंजिश में कर दी हत्या

अंदेशा जाहिर किया जा रहा है कि किसी घरेलू बात की रंजिश में उसने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की बात कह रही है। पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। दीपक का ससुराल पक्ष से पारिवारिक विवाद चल रहा है। जिसके चलते उसकी पत्नी जून, 2020 से दोनों बच्चों के साथ अलग रहती है।

रामधन और किताब कौर के सिर में किए गए थे वार

पुलिस जांच में सामने आया कि रामधन व उसकी पत्नी किताब कौर के शव जलाने के साथ ही उनके सिर पर तेजधार हथियार से वार भी किया गया है। सिर के साथ अन्य हिस्सों पर वार किए जाने का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद लग सकेगा। पुलिस ने जब दीपक के कमरे की जांच की तो वहां पर चद्दर खून से सनी मिली है। साथ ही कुल्हाड़ी भी कमरे से मिली जिस पर खून के निशान मिले है। पुलिस ने उन्हें कब्जे में ले लिया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने कमरे से सल्फास की गोलियों का पैकेट व एक कैंची भी बरामद की है। साथ ही कमरे में मिले बैग में बोतल भी मिली है जिसमें पेट्रोल भरा गया था। जिसे पुलिस ने आधार बनाया है कि दीपक ने ही आग लगाने से लेकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। बाद में उसने अपने कमरे में जाकर उसे अंदर से बंद किया और सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली।

फोन आने के बाद बहन और दोस्त को भेजा गांव

रामधन के बड़े बेटे दिनेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि जब पिता रामधन के फोन नंबर से फोन आया था, जिसमें कहा गया है कि घर में आग लग गई है। बकौल दिनेश वह फोन पर बात करने की कोशिश करता रहा, लेकिन दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं आई। इसी के बाद उसने सोनीपत में रह रही बहन को पड़ोसियों को कॉल कर घर भेजने को कहा और अपने साथी देवेंद्र को घर भेजा।

अंदर से बंद था दरवाजा, तोड़ना पड़ा दरवाजा

स्वास्थ्य विभाग में चालक पद से सेवानिवृत रामधन (64) व आंगनबाडी वर्कर उनकी पत्नी किताब कौर अधजली हालत में मृत पड़े थे। रामधन का शव जहां चारपाई पर था वहीं उसकी पत्नी का शव स्टोर में फर्श पर पड़ा हुआ था। ग्रामीणों ने आग बुझाने के साथ ही मुख्य गेट पर लगे ताले को तोड़ा। जिससे अन्य ग्रामीण भी घर के अंदर पहुंच गए। इसके बाद ग्रामीण घर के चौबारे पर पहुंचे तो देखा कमरे का दरवाजा अंदर से बंद हैं। जिस पर दरवाजे को तोड़ा गया। अंदर दीपक बेसुध पड़ा था और उसके मुहं से झाग निकल रहे थे। दीपक को अस्पताल में ले जाया गया, जहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

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