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1971 के शहीदों की याद में पूरे हरियाणा में निकाली जाएगी साइकिल यात्रा

यात्रा दो चरणों में होगी। पहला चरण हिसार समेत 14 जिलों में 23 से 27 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। बाकी जिलों में दूसरा चरण इसी वर्ष अक्टूबर-नवम्बर में सम्पन्न होगा।

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विजय दिवस (प्रतीकात्मक तस्वीर)

हिसार। 1971 के भारत-पाक युद्ध की स्वर्ण जयंती समारोह के आयोजनों की श्रृंखला के तहत शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह वीरचक्र वेलफेयर सोसाइटी मिर्जापुर (हिसार) पूरे हरियाणा में साइकिल यात्रा का आयोजन करेगी। यात्रा दो चरणों में होगी। पहला चरण हिसार समेत 14 जिलों में 23 से 27 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। बाकी जिलों में दूसरा चरण इसी वर्ष अक्टूबर-नवम्बर में सम्पन्न होगा।

यात्रा का प्रारंभ हिसार जिले से होगा। हिसार जिले से इस युद्ध में 16 जवान शहीद हुए थे। इनमें से एक शहीद श्यामलाल के परिवार के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। बाकी 15 शहीद, देवाँ, बुड़ाक, डोभी, काजलां, मोठसरा, कालीरावण, खासा महाजन, खैरी, दौलतपुर, राखी शाहपुर, भैणी अमीरपुर, थुराना, भाटला, बुगाना और मिर्जापुर से हैं। जिला सैनिक बोर्ड और सोसाइटी दोनों शहीद श्यामलाल के परिजनों के बारे में बी ई जी सेंटर रुड़की से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।

ये साइकिल यात्रा 23 मार्च को सुबह 9 बजे हिसार के लघु सचिवालय के पास स्थित शहीद स्मारक से शुरू होगी। यात्रा में 21 साइकलिस्ट होंगे। हर शहीद के परिवार या गांव का कम से कम एक सदस्य इसमें भाग लेगा और बाकी मिर्जापुर गांव के होंगे। ये साइकिल यात्रा 27 मार्च को शाम 4 बजे गांव मिर्जापुर के शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह वीरचक्र स्टेडियम में स्थित स्मारक पर पहुँचेगी। इस साइकिल यात्रा का उद्देश्य 1971 के युद्ध में मातृभूमि के लिए वीरगति को प्राप्त हुए शहीदों के परिजनों का उचित मान-सम्मान करना है। शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह वीरचक्र वेलफेयर सोसाइटी मिर्जापुर के सदस्यों ने हिसार जिले के इन 15 शहीदों के गाँवों के सरपंचों और परिजनों से सम्पर्क किया है। इनके साथ मिलकर शहीदों की याद में उनकी जन्मभूमि में कुछ योजनाएं शुरू करने की योजना है। जो इस तरह से हैं-

हर शहीद के गांव के प्रवेश द्वार पर शहीद का नाम लिखा जाएगा, उस गांव के स्कूल का नामकरण भी शहीद के नाम पर किया जाएगा, गांव में शहीद की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, गांव के किसी रोड का नाम शहीद के नाम पर रखा जाएगा, गांव में शहीद के नाम पर स्टेडियम या पार्क बनाया जाएगा, गांव में शहीद के नाम पर हर साल शहीदी दिवस मनाया जाएगा।

वीरचक्र विजेता शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह केे नाम पर अनेक योजनाएं

गौरतलब है कि वीरचक्र विजेता शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह के गांव मिर्जापुर ने 2018 से उनकी याद में अनेक परियोजनाएं शुरू कर रखी हैं। इसके तहत गांव में स्टेडियम और स्मारक स्थल बनाया जा चुका है जहाँ निरन्तर खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। यहाँ 100 फीट ऊंचा तिरंगा भी स्थापित किया गया है। गांव में शहीद के नाम से दो प्रवेश द्वार भी बनाये गए हैं। मिर्जापुर के लड़कियों के सरकारी मिडल स्कूल का नाम 1972 में ही शहीद हवासिंह के नाम पर रखा जा चुका है। गांव खासा महाजन और भाटला में इस युद्ध के शहीदों की प्रतिमाएं पहले से ही स्थापित हैं। शहीद लेफ्टिनेंट हवासिंह वीरचक्र वेलफेयर सोसाइटी मिर्जापुर ने योजना बनाई है कि हर शहीद के गांव में 100 फिट ऊँचा तिरंगा लगाया जाए। इसके साथ-साथ सोसायटी ने मिर्जापुर गांव में आर्म्ड फोर्सेस प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट खोलने की योजना बनाई है, इसके लिए पंचायत ने 20 एकड़ जमीन मुहैया करवा दी है। इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति के लिए हरियाणा सरकार के पास प्रस्ताव लंबित है। इस तरह के श्रद्धापूर्ण आयोजनों और योजनाओं से न सिर्फ गाँवों को फायदा होगा बल्कि इससे हमारे नौजवानों और आने वाली पीढ़ियों को शहीदों का सम्मान करने की भी प्रेरणा मिलेगी।


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