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सावधान ! साइबर अपराधी Covid Vaccine के नाम पर कर रहे धोखाधड़ी

पुलिस की ओर से आमजन से अपील की गई है, कि आप अपनी निजी जानकारी किसी भी अंजान व्यक्ति से सांझा न करें। अगर आपके मोबाइल पर कोई अंजान काल या संदेश आता है या फिर किसी प्रकार का कोई लिंक आपके पास भेजा जाता है, तो आप उसको ओपन न करें। आपको अन्य प्रकार के प्रलोभन भी दिये जाते है। आप उनकी बातों में आकर किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता/क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड, आधार कार्ड की डिटेल,ओटीपी, पिन आदि को सांझा ना करें।

सावधान ! साइबर अपराधी Covid Vaccine के नाम पर कर रहे धोखाधड़ी
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पुलिस अधीक्षक हिमान्शु गर्ग

हरिभूमि न्यूज. कुरुक्षेत्र

जैसे-जैसे लोग डिजिटल हो रहे हैं वैसे-वैसे साईबर अपराधी अपराध करने के नये-नये तरीके अपना रहे हैं। साइबर अपराधियों ने करोना वैक्सीन के लिए पंजीकरण करवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने का नया तरीका अपनाया है।

साइबर ठगी के इस नए तरीके को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक हिमान्शु गर्ग ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि साइबर ठग कोरोना वैक्सीन के पंजीकरण के नाम पर आपकी निजी जानकारी हासिल कर लेते हैं। इस प्रकार आप धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं।

पुलिस की ओर से आमजन से अपील की गई है, कि आप अपनी निजी जानकारी किसी भी अंजान व्यक्ति से सांझा न करें। अगर आपके मोबाइल पर कोई अंजान काल या संदेश आता है या फिर किसी प्रकार का कोई लिंक आपके पास भेजा जाता है, तो आप उसको ओपन न करें। आपको अन्य प्रकार के प्रलोभन भी दिये जाते है। आप उनकी बातों में आकर किसी भी व्यक्ति के साथ अपना बैंक खाता/क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड, आधार कार्ड की डिटेल,ओटीपी, पिन आदि को सांझा ना करें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल आदि को सुरक्षित पासवर्ड से सुरक्षित रखें। समय-समय पर अपना पासवर्ड बदलते रहें। किसी भी वेरिफिकेशन कोड को किसी अन्य व्यक्ति के साथ सांझा ना करें। अपना बैंक एकाउंट नंबर, पासवर्ड आदि किसी को न बताएं। अपने इंटरनेट बैंकिंग और बैंकिग ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़-भाड़ वाले स्थान पर न करें। अपना एटीएम का पिन कोड लिख कर नहीं रखें और न हीं किसी को ओटीपी बताएं। फर्जी काल से बचें।

साइबर ठग आपसे कोरोना वैक्सीन के पंजीकरण करवाने के नाम पर आपका आधार नंबर, इमेल आईडी व अन्य जानकारी हासिल करते है। उसके बाद साइबर ठग आपसे ओटीपी या पिन प्राप्त करते हैं। आपके आधार नंबर, ओटीपी, पिन व अन्य निजी जानकारी की सहायता से जालसाज धोखाधड़ी करते हुए आपके बैंक खाते से रुपये निकाल लेते है या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सहायता से रुपये हड़प लेते है जिससे आप ठगी का शिकार हो जाते हैं।

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