Hari bhoomi hindi news chhattisgarh
toggle-bar

सावधान! वीडियो कॉलिंग से महिला के साथ स्क्रीन रिकार्डिंग कर ठग रहे साइबर अपराधी

शुरुआती स्टेज में ऑनलाइन डेटिंग एप के जरिए बनावटी रोमांस, रिलेशनशिप बनाया जाता है। जब लगातार बातचीत होने लगती है और सामने वाले को थोड़ा भरोसा हो जाता है तो ठगी करने वाला उसे अपने जाल में फंसाता है और पैसे की डिमांड करता है। ऐसे मामले में जिला पुलिस समय-समय पर साइबर फ्रॉड से संबंधित एडवाइजरी जारी कर आमजन को जागरूक कर अपराधियों से बचने के तरीके बताए भी है।

सावधान! वीडियो कॉलिंग से महिला के साथ स्क्रीन रिकार्डिंग कर ठग रहे साइबर अपराधी
X

प्रतीकात्मक फोटो। 

हरिभूमि न्यूज : नारनौल

डेटिंग एप्लिकेशन उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है जो ऑनलाइन 'फ्रेंड' बनाते हैं। लेकिन ये तथाकथित 'फ्रेंड' आपको चपत भी लगा सकता है। ऑनलाइन डेटिंग के खतरों में ठगों द्वारा सामने वाली की कमजोरियों का फायदा उठाना शामिल है। शुरुआती स्टेज में ऑनलाइन डेटिंग एप के जरिए बनावटी रोमांस, रिलेशनशिप बनाया जाता है। जब लगातार बातचीत होने लगती है और सामने वाले को थोड़ा भरोसा हो जाता है तो ठगी करने वाला उसे अपने जाल में फंसाता है और पैसे की डिमांड करता है। ऐसे मामले में जिला पुलिस समय-समय पर साइबर फ्रॉड से संबंधित एडवाइजरी जारी कर आमजन को जागरूक कर अपराधियों से बचने के तरीके बताए भी है। अभी तक पुलिस के पास ऐसे तीन केस जिला में सामने आ चुके है। ऐसे कई मामले है जो बदनामी के डर से पुलिस के पास शिकायत लेकर पहुंच ही नहीं रहे।

हाल ही में महामारी प्रतिबंधों के दौरान अधिक लोगों ने ऑनलाइन डेटिंग की ओर रुख किया है, इसी वजह रोमांस/डेटिंग एप्स के जरिए धोखाधड़ी में वृद्धि हुई है। इन धोखाधड़ी के कारण नागरिकों को बड़ी मात्रा में वित्तीय नुकसान हुआ है। ये जालसाज डेटिंग एप्स के माध्यम से कनेक्शन चाहने वाले लोगों का शिकार करते हैं और पीडि़तों को महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान और भावनात्मक संकट के साथ छोड़ सकते हैं। रोमांस/डेटिंग धोखाधड़ी अक्सर डेटिंग ऐप्स के माध्यम से होती है लेकिन धोखेबाज संभावित पीडि़तों से सोशल मीडिया के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। जालसाज आमतौर पर पीडि़तों को लुभाने के लिए नकली ऑनलाइन प्रोफाइल बनाते हैं। धोखेबाज 'लव बॉम्बिंग' नामक एक तकनीक का उपयोग कर सकते हैं, जहां वे पीडि़तों से संपर्क करते हैं और अक्सर उनके लिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। पीडि़त बदले में भावनाओं को विकसित करना शुरू कर देते हैं जिससे उन्हें धोखा देने की अधिक संभावना होती है। पीडि़तों का विश्वास हासिल करने के बाद वे पीडि़तों से पैसे, उपहार, बैंक विवरण या अंतरंग तस्वीरें/वीडियो मांगते हैं। ऐसे धोखेबाज पीडि़तों की व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं क्योंकि वे अक्सर आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा होते हैं।

धोखेबाज ऐसे करते हैं अपराध : डेटिंग और रोमांस धोखेबाज अपेक्षाकृत कम समय में पीडतों के लिए मजबूत भावनाएं व्यक्त करते हैं और बातचीत के लिए डेटिंग ऐप/वेबसाइट से अन्य निजी चैनल जैसे फोन, ईमेल या इंस्टेंट मैसेजिंग इत्यादि का प्रयोग करने का सुझाव देते हैं। इसके बाद साइबर अपराधी पीडि़त के पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से वीडियो कॉल करते हैं। जिस नंबर या सोशल मीडिया प्रोफाइल से कॉल आता है उसे अटेंड करने पर सामने महिला नग्न, अर्धनग्न हो जाती है। कॉल रिसीव करते ही साइबर अपराधी स्क्रीन शॉट या स्क्रीन रिकॉडिंर्ग कर लेता है। स्क्रीन शॉट्स में कॉल करने वाले और कॉल रिसीव करने वाले की तस्वीर आ जाती है। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू होता है। डेटिंग एप्स के जरिए बने हुए 'फ्रेंड' के द्वारा मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से आए वीडियो कॉल अटेंड ना करें। अगर अटेंड भी करते हैं तो पहले अपना चेहरा उसमें न दिखाएं।

न्यूड वीडियो कॉलिंग के माध्यम से किया जाता है ब्लैकमेल : यह ठग चैटिंग में आपका व्हाट्सएप्प नंबर मांगेगी, नंबर मिलते ही ये अपराधी न्यूड कॉल करना शुरू करतें हैं। कॉल करने वाले पूरी तरह से नग्न या अर्धनग्न होते हैं। फिर जैसे ही कोई व्यक्ति फोन उठाता है और अपना चेहरा दिखाता है तो वह तुरंत स्क्रीनशॉट ले लेते हैं या स्क्रीन रिकॉडिंर्ग कर लेते हैं। फिर उसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो जाता है।

ऐसे रहें सावधान

-अज्ञात लोगों को पैसे भेजने, खाते का विवरण या महत्वपूर्ण दस्तावेज देने से बचें।

-सोशल मीडिया पर सांझा की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की मात्रा को सावधानीपूर्वक नियंत्रित करें।

-डेटिंग एप्स के जरिए बने फ्रेंड की जानकारी जुटाकर ही बात करें।

-इस प्रकार के मामलों में जल्दबाजी न करते हुए अपने डिटेल्स और नंबर सांझा करने से बचें।

-अगर आप इस प्रकार की धोखाधड़ी के शिकार हुए हैं तो डरें नहीं तुरंत अपने संबंधित थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएं। ऐसी किसी भी घटना की रिपोर्ट साइबरक्राइमडॉटजीओवीडॉटआईएन पोर्टल पर करें।

और पढ़ें
Next Story