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फसल कटाई पर संकट, लॉकडाउन के भय के चलते प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू

रेलवे स्टेशन पर खासतौर से दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में मजदूरों की ठसाठस भीड़ चल रही है। बिना रिजर्वेशन मजदूरों को जिस ट्रेन में जगह मिल वह उसी में सवार होकर घर पहुंचना चाहते हैं। सबसे बुरे हालात दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों के हैं। दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें पीछे से ही भरकर आ रही है।

फसल कटाई पर संकट, लॉकडाउन के भय के चलते प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू
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कुरुक्षेत्र : सामान लेकर स्टेशन पर जाता मजदूर। 

हरिभूमि न्यूज : कुरुक्षेत्र

तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों (Corona patients) की संख्या को देखते हुए कुछ राज्यों में सरकारें सख्ती दिखाने लगी हैं। इससे मजदूरों को लग रहा है कि इस साल फिर लॉकडाउन लग सकता है। लॉकडाउन (Lockdown) के डर के चलते एक बार फिर प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। ये लोग अपने घर लौटने लगे हैं। पिछले साल लॉकडाउन की वजह से प्रवासी मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इन्हीं परेशानियों से बचने के लिए प्रवासियों ने पहले ही पलायन शुरू कर दिया है।

रोजाना रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर सैकडों मजदूर वापस घर जाने के लिए आ रहे है। रेलवे स्टेशन पर खासतौर से दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों में मजदूरों की ठसाठस भीड़ चल रही है। बिना रिजर्वेशन मजदूरों को जिस ट्रेन में जगह मिल वह उसी में सवार होकर घर पहुंचना चाहते हैं। सबसे बुरे हालात दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों के हैं। दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनें पीछे से ही भरकर आ रही है। अमरावती से आए मजदूर दिनेश ने बताया कि लॉकडाउन खुलने पर वह अक्टूबर में कुरुक्षेत्र आया था लेकिन अब दोबारा से लॉकडाउन का भय सता रहा है इसलिए वापस अमरावती जा रहा हूं। पिछली बार लॉकडाउन के चलते बहुत मुश्किल हुई थी।

मंडियों में हो रही मजदूरों की कमी

अनाज मंडी में इस समय गेहूं का सीजन जोरो पर है। ऐसे में मजदूरों के पलायन करने से मंडियों में भी असर पड़ रहा है। मंडी में लेबर नही है। वही खेत में गेहूं की फसल भी पककर तैयार है। फसल काटने के लिए भी मजदूर नही मिल रहे है। मजदूर संघ के प्रधान धर्मपाल ने बताया कि मंडी में मजदूरों की कमी खल रही है जिस कारण मंडी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोना के कारण जब पिछले साल लॉकडाउन की घोषणा हुई तो यातायात अचानक बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी प्रवासी मजदूरों को झेलनी पड़ी थी। मजदूरों के लिए जब खाने की परेशानी हुई तो वह पैदल ही घर को निकल पड़े और सैकड़ों किमी पैदल चलकर किसी तरह अपने घर पहुंचे थे जिसके बाद सीजन शुरू हुआ तो मजदूर काफी मशक्कत के बाद वापस लौटे थे। लेकिन अब दोबारा से कोरोना के मामले बढ़ने पर सख्ती शुरू हुई तो प्रवासी मजदूरों ने लॉकडाउन के भय से पलायन शुरू कर दिया है।

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