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कैथल के इस स्कूल में फूटा कोरोना बम, 23 बच्चे मिले संक्रमित, पांच अध्यापक भी आ चुके हैं पाॅजिटिव

प्रधानाचार्या ने बताया कि स्कूल में कुल 881 छात्र छात्राएं हैं। अब 23 बच्चों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सभी बच्चों की कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा जाएगा।

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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक फोटो)

हरिभूमि न्यूज. गुहला-चीका (कैथल)

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल खरकां के 23 बच्चे कोरोना संक्रमित पाए गए है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुक्रवार को स्कूल के 155 बच्चों को सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 23 बच्चों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। स्कूल इंचार्ज सतबीर सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह स्कूल की एक अध्यापिका कोरोना पाॅजिटिव पाई गई थी, जिसके बाद स्कूल स्टाफ के सभी 28 सदस्यों की कोरोना की जांच करवाई गई।

प्रधानाचार्य ने बताया कि शुक्रवार को आई सैंपलों की रिपोर्ट में 4 अध्यापक कोरोना पाॅजिटिव पाए गए। उन्होंने बताया कि कोरोना पाजिटिव पाए गए इन चार अध्यापकों में से दो के अंदर किसी भी तरह के लक्षण नजर नहीं आ रहे थे। अध्यापकों के कोरोना पाॅजिटिव पाए जाने के बाद स्कूल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख स्कूली छात्रों की कोरोना जांच करने की मांग की, जिसके बाद शुक्रवार को ही विभाग ने 155 बच्चों के सैंपल लिए गए, आज आई रिपोर्ट में 23 बच्चे पाॅजिटिव पाए गए हैं। प्रधानाचार्या ने बताया कि स्कूल में कुल 881 छात्र छात्राएं हैं। अब 23 बच्चों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सभी बच्चों की कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा जाएगा।

सतबीर सिंह ने बताया कि जब तक सभी बच्चों की रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक स्कूल को बंद रखा जाएगा। सतबीर सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल में सभी जरूरी कदम उठाए गए थे। स्कूल खोले जाने के बाद पूरे स्कूल परिसर को दो बार सैनिटाइज करवाया जा चुका है, इसके बावजूद बच्चों का कोरोना पाॅजिटिव आना चिंता का विषय है।

155 बच्चों के सैंपल भेजे गए थे

शुक्रवार को खरकां स्कूल के 155 बच्चों के कोरोना सैंपल लिए गए थे। इन बच्चों की आज आई रिपोर्ट में 23 बच्चे पाॅजिटिव मिल हैं। डाक्टरों की टीम पाजिटिव पाए गए बच्चों के अभिभावकों से मिल पाजिटिव पाए गए बच्चों को आइसोलेशन सेंटरों में भर्ती करवाने के लिए बात कर रहे है। जो अभिभावक बच्चों को सेंटरों में नहीं भेजना चाहते उन्हें घरों में ही आइसोलेट किया जाएगा।- डा. प्रीति सिंगला, एसएमओ गुहला।

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