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रोहतक पीजीआईएमएस में काेरोना हुआ बेकाबू, लेबर रूम बना हॉटस्पाॅट, 22 संक्रमित मिले

अब तक 40 से अधिक चिकित्सक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। चिकित्सकों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर मरीजों में भी हड़कम्प मचा हुआ है। संक्रमित चिकित्सकों को क्वारंटीन किया गया है। उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। विभाग के चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों का कोरोना सैंपल लिया गया है।

रोहतक पीजीआईएमएस में काेरोना हुआ बेकाबू, लेबर रूम बना हॉटस्पाॅट, 22 संक्रमित मिले
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रोहतक पीजीआई।

हरिभूमि न्यूज : रोहतक

कोरोना ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। आए दिन मरीजों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। आने वाला समय और परेशानी पैदा कर सकता है। पीजीआईएमएस का लेबर रूम कोरोना हॉटस्पाॅट बन गया है। यहां 22 संक्रमित मिले हैं। जिनमें 19 पीजी स्टूडेंट, दो सीनियर रेजीडेंट व एक असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। अब तक 40 से अधिक चिकित्सक कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। चिकित्सकों के कोरोना संक्रमित पाए जाने पर मरीजों में भी हड़कम्प मचा हुआ है। संक्रमित चिकित्सकों को क्वारंटीन किया गया है। उनकी कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। विभाग के चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों का कोरोना सैंपल लिया गया है।

पीजीआई के गायनी विभाग में कोरोना के केस बढ़ने के साथ ही प्रबंधन ने सख्ती बढ़ाई है। प्रत्येक विभाग में मास्क व शारीरिक दूरी की अनुपालना के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नियमित हैंड सैनिटाइज करने को कहा गया है। फिलहाल, गायनी विभाग को बंद नहीं किय गया है। विभाग को पूरी तरह से सैनिटाइज कराया गया है। पीजीआइ के पीआरओ डाॅ. गजेंद्र सिंह ने बताया कि गायनी विभाग की ओपीडी सामान्य चलती रहेगी। मास्क व शारीरिक दूरी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। संक्रमित पाए जाने वालों में 20 पीजी स्टूडेंट हैं। महज एक फैकल्टी मेंबर है, विभाग में 90 चिकित्सक हैं जोकि, मरीजों की सेवाओं में जुटे हैं। जबकि, प्रतिदिन ओपीडी 500 से एक हजार की है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों से अपील है कि वह मास्क का इस्तेमाल करें।

पीजीआईएमएस की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पा दहिया ने बताया कि स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के करीब 19 पीजी छात्र, दो सीनियर रेजिडेंट व एक फैकल्टी सदस्य जोकि लेबर रूम में कार्यरत थे वे सभी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। ऐसे में जांच की गई तो पता चला कि कहीं न कहीं लेबर रूम में ही करोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है। इसके चलते विभाग के चिकित्सकों को आदेश दिया गया है कि इलेक्टिव सर्जरी की संख्या में कमी की जाए, वहीं दूसरी तरफ सिविल सर्जन से वार्ता की जा रही है कि 2 दिन सभी डिलीवरी के केस सिविल अस्पताल में रखे जाएं और उन्हें पीजीआई में रेफर ना किया जाए। ताकि 2 दिन लेबर रूम पूर्ण रूप से सेनिटाइज कर वहां से वायरस को खत्म किया जा सके।न

लेबर रूम को 48 घंटों के लिए रखा जाएगा बंद

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के लेबर रूम में तैनात करीब 22 चिकित्सकों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद पीजीआईएमएस प्रबंधन ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिसके तहत कोशिश रहेगी कि बुधवार दोपहर बाद से विभाग के लेबर रूम को 48 घंटों के लिए सेनिटाइज कर बंद कर दिया जाएगा ताकि वहां से इंफेक्शन अन्य जंगह ना फैले और मरीज सुरक्षित रहे।

डॉ पुष्पा दहिया, पीजीआईएमएस की चिकित्सा अधीक्षक



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