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एचएसजीपीसी में विवाद : दादूवाल की अगुवाई वाली कार्यकारिणी डिसमिस, फैसले भी किए निरस्त

डेढ़ दर्जन से अधिक सदस्यों ने मीटिंग कर दादूवाल की प्रधानगी वाली जनरल बाडी को किया डिसमिस, दादूवाल ने मीटिंग को बताया गैरकानूनी, बोले उनके पास आज भी बहुमत।

एचएसजीपीसी में विवाद : दादूवाल की अगुवाई वाली कार्यकारिणी डिसमिस, फैसले भी किए निरस्त
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एचएसजीपीसी के सदस्य दीदार सिंह नलवी की अगुवाई में प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल के खिलाफ बैठक करते हुए।

हरिभूमि न्यूज. गुहला-चीका ( कैथल)

हरियाणा सिख मैनेजमेंट कमेटी के डेढ़ दर्जन से अधिक सदस्यों ने कमेटी के मुख्यालय गुरुद्वारा साहिब पातशाही छटी व नौंवी में मीटिंग कर प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल की अगुवाई वाली कार्यकारिणी को डिसमिस कर दिया। मीटिंग की अगुवाई कर रहे कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दीदार सिंह नलवी ने कहा कि चूंकि प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने 13 अगस्त 2020 को प्रधान चुने जाने के बाद से जनरल हाउस की एक भी मीटिंग नहीं बुलाई।

उन्होंने कहा कि कार्यकारिणी का गठन भी एक्ट के अनुसार जनरल हाउस की मीटिंग में ही होना चाहिए था लेकिन दादूवाल ने अपनी मनमर्जी से ही कार्यकारिणी बना ली। उन्होंने कहा कि मीटिंग में 36 में से 25 मेंबर मौजूद रहे और सभी ने सर्वसम्मति से दादूवाल वाली कार्यकारिणी को डिसमिस करने के साथ साथ पिछले कुछ महीनों से उनके द्वारा लिए गए तमाम तरह के फैसलों को भी निरस्त कर दिया। नलवी ने पत्रकारों को 25 सदस्यों के हस्ताक्षरों से युक्त एक पत्र भी भिजवाया है।

क्या कहते हैं दादूवाल .

एचएसजीपीसी कमेटी के प्रधान जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने बताया कि बैठक पूरी तरह से गैर कानूनी है क्योंकि जनरल हाउस की मीटिंग बुलाने का अधिकार अंतरंग कमेटी के पास है। अंतरंग कमेटी को तो बताया तक नहीं गया। दादूवाल ने कहा कि आज की नलवी गुट की मीटिंग में 25 नही बल्कि कुल 15 लोग थे। इनमें से भी चार लोगों की मेंबरशिप पहले ही केंसिल हो चुकी है। दो लोगों ने वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए हाजिरी लगवाई। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के नकली हस्ताक्षर किए गए हैं और इसी वजह से यह सब महज एक झूठा षडयंत्र भर है। दादूवाल ने कहा कि कानूनी रूप से जिसके द्वारा भी गलत किया जाएगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। कमेटी के हर एक्ट पर मैं जवाब दे सकता हूं। जो 17 वोटें चुनाव के दिन मेरे खिलाफ गई थी वही 17 लोग आज इक्कठा हुए हैं। इनमें से चार सदस्य वो हैं जिनकी सदस्यता रद्द हो चुकी है इसलिए ये कुल 11 सदस्य ही बनते थे। ये लोग तो पहले भी मुझे प्रधान नही मानते थे तो अब क्यों मानेंगे।


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