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प्रदूषण को कम करने के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे

मुख्य सचिव विजय वर्धन ने पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए फरीदाबाद और गुरुग्राम जिलों में डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध (आवश्यक / आपातकालीन सेवाओं के अलावा) लगाने के निर्देश दिए।

Haryana Chief Secretary Vijay Vardhan
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हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन

चंडीगढ़। हरियाणा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण की समस्या को कम करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा गुरुग्राम और फरीदाबाद (Gurugram and Faridabad) जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे, जो 24 घंटे कार्यरत रहेंगे। इसके लिए विशेषतौर पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह निर्देश हरियाणा के मुख्य सचिव विजय वर्धन (Chief Secretary Vijay Vardhan) ने यहां हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

विजय वर्धन ने पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम व नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करते हुए फरीदाबाद और गुरुग्राम जिलों में डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध (आवश्यक / आपातकालीन सेवाओं के अलावा) लगाने के निर्देश दिए। इसके लिए इन क्षेत्रों में बिना किसी अवरोध के ग्रिड से बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए ताकि डीजल जनरेटर की आवश्यकता को कम किया जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बड़ी निर्माण परियोजनाएं जैसे राजमार्गों और मेट्रो प्रोजेक्ट कार्यान्वित करने वाली कंपनियां प्रदूषण के लिए निर्धारित मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों का पालन करने का आश्वासन राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व प्रदूषण नियंत्रण समितियों को दें। साथ ही, विशेष रूप से लाल और नारंगी श्रेणी में आने वाले उद्योगों को भी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व प्रदूषण नियंत्रण समितियों को यह आश्वसान देना होगा कि वे केवल अधिकृत ईंधन का ही उपयोग करेंगे।

उन्होंने कहा कि चिन्हित प्रदूषण हॉट-स्पॉट पर भू-स्तरीय निगरानी और नाइट पैट्रोलिंग के माध्यम से कार्ययोजना का कार्यान्वयन और पूर्ण अनुपालन किया जाए, ताकि प्रदूषण के सभी स्रोतों के लिए जीरो-टोलरेंस पॉल्यूशन को सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जमीनी स्तर पर बहुत अधिक सतर्कता की आवश्यकता है ताकि औद्योगिक स्टैक्स, कचरा डंपिंग और गैरकानूनी ईंधन के उपयोगों पर नजर रखी जा सके। इस अवधि के दौरान स्मॉग-गन सहित धूल प्रबंधन के लिए सभी टेक्नॉलोजी का उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाए।

उन्होंने गुरुग्राम और फरीदाबाद में विशेषतौर पर प्रदूषण कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए ताकि आमजन प्रदूषण से संबंधित समस्याओं व शिकायतों के लिए सीधे संपर्क कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों व समस्याओं का विश्लेषण किया जाए, जिससे यह समझने में आसानी होगी कि किस क्षेत्र में किस प्रकार की समस्या आ रही है और उसका निपटान जल्द किया जा सके।


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