Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

धीरा खंडेलवाल की किताब का Cm Manohar Lal ने किया विमोचन, युवा साहित्य पुरस्कार शुरू करने की घोषणा

महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि आज के दिन धीरा खंडेलवाल के कविता संग्रहों का लोकार्पण एक विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस वर्ष से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

धीरा खंडेलवाल की किताब का Cm Manohar Lal ने किया विमोचन, युवा साहित्य पुरस्कार शुरू करने की घोषणा
X

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और प्रसिद्ध कवयित्री धीरा खंडेलवाल द्वारा रचित दो नए कविता संग्रहों 'मेघ मेखला'तथा 'रेशमी रस्सियां' का लोकार्पण किया। कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा किया गया था। इस अवसर पर मती धीरा खंडेलवाल को बधाई देते हुए मनोहर लाल ने कहा कि उनके संग्रह की लगभग सभी पंक्तियां बेहद आत्मीय तथा मार्मिक हैं। उनके अथाह गहराइयों से निकले ये मोती पाठकों को अन्दर तक उद्वेलित करते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए 'युवा साहित्य पुरस्कार' शुरू करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार साहित्य के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ाएगा। राज्य में साहित्य के प्रचार के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेश में हिन्दी एवं हरियाणवी, उर्दू, संस्कृत और पंजाबी साहित्य के विकास के लिए अलग-अलग अकादमियां स्थापित की गई हैं। इन अकादमियों के बजट में भी कई गुणा बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि इन अकादमियों द्वारा हिन्दी, हरियाणवी, पंजाबी, उर्दू, संस्कृत साहित्य में योगदान देने वाले साहित्यकारों को हर वर्ष नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि आज के दिन धीरा खंडेलवाल के कविता संग्रहों का लोकार्पण एक विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस वर्ष से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। धीरा खंडेलवाल के नए कविता संग्रहों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक भावों को समेटने की कला श्रीमती धीरा खंडेलवाल से सीखी जा सकती है। उन्होंने कहा कि मर्मस्पर्शी भाषा शैली में लिखी सभी कविताएं रुचिकर और प्रेरणादायक हैं। कल्पना को सीमित शब्दों में कलमबद्ध करना वास्तव में एक सराहनीय कार्य है।

उन्होंने कहा कि धीरा खंडेलवाल न केवल सक्षम और कुशल अधिकारी हैं, बल्कि एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं। वे जिन्दगी के अथाह विशाल भण्डार से विषय चुनने में माहिर हैं और इन विषयों को बड़ी सरल जबान, दिलचस्प बयान तथा स्वाभाविक अंदाज में बड़ी सफलता के साथ अन्तिम चरण तक ले जाती हैं। इससे पहले उनके चार कविता-संग्रह- 'मुखर मौन', 'सांझ सकारे', 'ख्यालों के खलिहान', 'अंतर आकाश' और दो हाइकु संग्रह 'तारों की तरफ' व 'मन-मुकुर' प्रकाशित हो चुके हैं।

Next Story