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दिव्यांग से 19 हजार की रिश्वत लेता पकड़ा सफाई कर्मचारी

पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम में नियुक्त है आरोपित, रोजगार ऋण की दूसरी किश्त जारी करने की एवज में मांगी थी पात्र दिव्यांग से घूस।

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रिश्वत लेता पकड़ा

पानीपत। हरियाणा विजिलेंस के पानीपत ब्यूरो की टीम ने वीरवार को ईदगाह रोड स्थित हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम के ऑफिस में रेड मारकर दिव्यांग कोटे से लोन की दूसरी किस्त जारी करने के लिए 19 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए सफाई कर्मचारी को रंगेहाथ पकड़ा है। आरोपित दूसरी किस्त के लिए दिव्यांग को चक्कर कटा रहा था। पानीपत विजिलेंस टीम के अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि दो दिन पहले पसीना खुर्द निवासी मुमताज अली ने लिखित शिकायत में बताया था कि उन्होंने हरियाणा पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम से दिव्यांग कोटे के अंतर्गत रोजगार के लिए 1 लाख रुपये के लोन का आवेदन किया था।

उन्हें लोन की पहली किस्त तो मिल गई, वहीं दूसरी किस्त के लिए महीनों से चक्कर कटा रहे हैं। हरियाणा पिछडा वर्ग कल्याण निगम के कार्यालय का सफाई कर्मचारी हंसराज दूसरी किस्त जारी करने की एवज में 19 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। उन्होंने इस मामले की जानकारी उपायुक्त सुशील को दी और कार्रवाई की अनुमति मांगी। वहीं डीसी सुशील ने पानीपत तहसील के नायब तहसीलदार अनिल कौशिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात कर कार्रवाई की अनुमति प्रदान की। वीरवार को मुमताज अली ने विजिलेंस द्वारा तय योजना के अनुसार बोर्ड के कार्यालय में जाकर सफाई कर्मचारी हंसराज को 19 हजार रुपये की रिश्वत दी और बाहर आकर विजिलेंस की टीम को इशारा कर दिया, विजिलेंस की टीम ने रेड कर हंसराज को हिरासत में ले लिया और ड्यूटी मजिस्टे्रट अनिल कौशिक के सामने हंसराज से रिश्वत के रूप में ली गई रकम बरामद की। वहीं आरोपित को विजिलेंस ने रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और करनाल स्थित विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि हंसराज, सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्त है और वह बोर्ड कार्यालय के क्लर्क आदि का भी काम करता है। विजिलेंस को शक है कि हंसराज के साथ बोर्ड के कई अधिकारी मिले हो सकते है, विजिलेंस का प्रयास रहेगा कि कोर्ट से हंसराज को रिमांड पर लिया जाए, ताकि आरोपित के साथियों का पता लगाया जा सके।

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