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नगर परिषद चेयरपर्सन का पिता और भाई तीन लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार

डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के ठेकेदार बलबीर सिंह ने शिकायत दी थी कि उसने अपने काम के बदले नप चेयरमैन सीमा कश्यप से चैक मांगा था, जाे उसे नहीं दिया। चेयरमैन के पिता सुरेश कश्यप ने चैक देने के लिए साढ़े चार लाख की रिश्वत मांगी थी।

नगर परिषद चेयरपर्सन का पिता और भाई तीन लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
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मामले की जानकारी देते विजिलेंस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार।

हरिभूमि न्यूज. कैथल

विजिलेंस विभाग कैथल की टीम ने कैथल की नगर परिषद की चेयरमैन सीमा कश्यप के पिता सुरेश कश्यप तथा भाई शिवा कश्यप को कूड़े उठाने के ठेकेदार से चैक देने की एवज में तीन लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने नगर परिषद की चेयरमैन सीमा कश्यप, उसके पिता सुरेश कश्यप तथा भाई शिवा कश्यप के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। टीम ने सीमा कश्यप के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उनकी गिरफ्तारी की अनुमति के लिए विभागीय अधिकारियों को लिखा है।

जानकारी के अनुसार नगर परिषद में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का ठेका बलबीर सिंह को दिया हुआ है। बलबीर ने विजिलेंस विभाग कैथल को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसने अपने काम की एवज में जब नगर परिषद से चैक देने की मांग की तो नगर परिषद की चेयरमैन सीमा कश्यप ने चैक नहीं दिया। बार-बार टरकाने के बाद जब उसने सीमा कश्यप से बात की तो उसने कहा कि वह उसके पिता सुरेश कश्यप से बात करे। सुरेश कश्यप ने उसे चैक देने के लिए साढ़े चार लाख की रिश्वत देने की मांग की। बाद में उनका सौदा तीन लाख में तय हो गया। विजिलेंस इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने इसके लिए नायब तहसीलदार हरिकेश को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर टीम का गठन किया।

जैसे ही ठेकेदार ने चेयरमैन सीमा कश्यप के पिता सुरेश कश्यप तथा उसके भाई शिवा कश्यप को तीन लाख की राशि दी तो इशारा पाते ही विजिलेंस विभाग की टीम ने दोनों को रंगे हाथ काबू कर लिया। टीम ने उनके कब्जे से तीन लाख की रिश्चत की राशि भी बरामद कर ली तथा दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने नगर परिषद चेयरमैन सीमा कश्यप के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है क्योंकि उसके पिता व भाई उसकी शह पर ही रिश्वत ले रहे थे। सीमा कश्यप जन प्रतिनिधि होने केक कारण उनकी गिरफ़्तारी को लेकर उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस बारे में पापा से बात कर लो..

गौरतलब है कि जैसे ही नगर परिषद के किसी मामले में यदि सीमा कश्यप से नगर की समस्या से संबंधित बात की जाती थी तो उनका एक ही जवाब होता था कि इस बारे में पापा से बात कर लो। भले ही चेयरमैन सीमा कश्यप बनी हों लेकिन पूरा कार्य उसके पिता सुरेश कश्यप तथा भाई शिवा कश्यप ही देखते थे। विजिलेंस की कार्रवाई में अब यह तस्वीर बिल्कुल साफ हो गई है। यह भी आरोप है कि इससे पूर्व भी वे लाखों रुपये की रिश्चत ले चुके हैं।

ठेकेदार की जुबानी...

ठेकेदार बलबीर ने बताया कि फरवरी और मार्च माह के डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के ठेका का इओ द्वारा चैक काटकर हस्ताक्षर कर दिए गए थे। जब कर्मचारी चैक पर नगर परिषद चेयरमैन सीमा कश्यप के पास गया तो उन्होंनेे कहा कि उनके पास ठेकेदार को भेजना। जब वह खुद चैक लेकर सीमा कश्यप के पास हस्ताक्षर करवाने गया तो उन्होंेने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया तथा कहा कि पहले साढ़े चार लाख की रिश्वत दो फिर मैं इस पर दस्तक करूंगा। बाद में मैं तंग आकर विजिलेंस चंडीगढ़ व अंबाला फरियाद लगाई। आज जब उसने तहसीलदार के नुमाइंदे के सामने सुरेश कश्यप को तीन लाख की राशि दी तथा उसका चैक दिया तो टीम ने उसे काबू कर लिया। वह अब तक सुरेश कश्यप को 35 लाख की रिश्वत दे चुके हैं। बार-बार मेेरे काम को कैंसल करने की धमकी देकर रिश्वत वसूलता रहा था।

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