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निजी स्कूलों का फैसला : बिना फीस वाले बच्चों को अगली कक्षा में नहीं करेंगे प्रमोट

डबवाली एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर जिला प्रधान डाक्टर पंकज सिडाना व डबवाली ब्लाक के प्रधान विजयंत शर्मा की अध्यक्षता में हुई और उन्हें अपना ज्ञापन दिया।

निजी स्कूलों का फैसला : बिना फीस वाले बच्चों को अगली कक्षा में नहीं करेंगे प्रमोट
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सिरसा : डबवाली में बैठक करते हुए निजी स्कूल संचालक।

हरिभूमि न्यूज. सिरसा (डबवाली)

कोरोना काल में प्राइवेट स्कूलों को आर्थिक मंदी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। स्कूल संचालकों ने निर्णय लिया है कि वह अब बिना फीस वाले बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट नहींं करेंगे। यह जानकारी निजी स्कूल संचालकों ने अपने ज्ञापन से अवगत करवाई है।

डबवाली एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्याओं को लेकर जिला प्रधान डाक्टर पंकज सिडाना व डबवाली ब्लाक के प्रधान विजयंत शर्मा की अध्यक्षता में हुई और उन्हें अपना ज्ञापन दिया। जिला प्रधान डॉ. पंकज सिडाना व डबवाली ब्लाक के प्रधान विजयंत शर्मा ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना काल में प्राइवेट स्कूलों को आर्थिक मंदी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इस स्थिति में न तो सरकार उनका साथ दे रही है और न ही अभिभावक। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों की फीस जमा करवाकर उनका बेशकीमती साल बचाने की अपील की। कुछ अभिभावक बार बार अनुरोध करने पर भी अपने बच्चों की फीस जमा नहीं करवा रहे हैं ऐसे बच्चों को किसी भी कीमत पर अगली कक्षा में प्रमोट नही किया जाएगा। पिछले 2 वषोंर् की निजी स्कूलों का 134-ए की रिम्बर्समेंट भी रुकी हुई है। इस कोरोना काल में यह 134-ए की क्षतिपूर्ति राशि उनके लिए काफी मददगार बन जाएगी।

उन्होंने सरकार से सत्र 2019-2020 और 2020-2021 की 134-ए की रिमबर्समेंट फार्म-6 के अनुसार रिलीज करने की मांग की। सरकार अगर कोई राहत नहीं दे सकती तो कम से कम उन का हक तो दे। कोविड-19 की वजह से स्कूलों की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है। इस कोरोना समय में अभिभावक बच्चों की फीस देने के लिए तैयार नहीं है। इस स्थिति मेंं स्कूल संचालक अपने स्कूल स्टाफ की सैलरी भी नहीं दे पा रहे हैं। सरकार ने कोई भी मदद करने के लिए प्राइवेट स्कूलों की तरफ हाथ आगे नहीं बढ़ाया है। स्कूल स्टाफ, बस और बिल्डिंग लोन, बस टैक्स, प्रोपर्टी टैक्स, बिजली बिल व इंटरनैट बिल ऐसे खचेंर् है, जो लगातार जारी है। इस स्थिति में निजी स्कूलोंं को सरकार की तरफ से मदद की बड़ी आशा है। उन्होंने मांग है कि 134-ए की रिम्क्वबरसमैंट जल्द रिलीज की जाए ताकि वह स्टाफ को सैलरी दे सके। इस अवसर पर लगभग सभी स्कूलों के संचालक और प्रिन्सिपल आदि मौजूद रहे।


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