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CRSU : चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय ने नकल माफियाओं के खिलाफ आवाज की बुलंद, उत्तर पुस्तिका से लिखाई की जांच होगी

उप परीक्षा नियंत्रक डा. अनुपम भाटिया ने बताया कि नकल को रोकने के लिए एक और कड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिन्होंने ऑनलाइन परीक्षा (Online Exam) दी है उनकी लिखाई की जांच की जाएगी। यदि विद्यार्थी की लिखाई उत्तर पुस्तिका से नहीं मिलती तो उस विद्यार्थी की यूएमसी बनाई जाएगी।

Chaudhary Ranbir Singh University
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चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) 

हरिभूमि न्यूज. जींद

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) ने नकल माफियाओं के खिलाफ अब अपनी आवाज बुलंद कर दी है। नकल माफिया प्रतिदिन नकल को बढ़ावा देने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहा है। जिनमें सोशल मीडिया पर उपलब्ध वीडियो, उपपरीक्षा नियंत्रक के हस्ताक्षर वाला जाली पत्र तथा यूएमसी हटाने के लिए छात्र संगठनों द्वारा प्रदर्शन प्रमुख हैं। नकल माफिया द्वारा जारी किए गए वीडियो में एक राष्ट्रीय स्तर के छात्र संगठन का नाम लेकर नौ सितंबर से शुरू होने वाली परीक्षाओं में शीशे का साइज कम करने का दावा किया जा रहा है। छह सितंबर को छात्र संगठनों द्वारा जो प्रदर्शन प्रस्तावित है उसमें मुख्य मांगे यूएमसी हटवाना तथा शीशे का साइज कम करवाना है। इससे पता चलता है कि नकल माफिया छात्र संगठनों को बहकाने में सफल रहा है।

उप परीक्षा नियंत्रक डा. अनुपम भाटिया ने बताया कि नकल को रोकने के लिए एक और कड़ा कदम उठाया जा रहा है। जिन्होंने ऑनलाइन परीक्षा दी है उनकी लिखाई की जांच की जाएगी। यदि विद्यार्थी की लिखाई उत्तर पुस्तिका से नहीं मिलती तो उस विद्यार्थी की यूएमसी बनाई जाएगी। इससे पहले भी एक ही पेपर में विभिन्न लिखाई तथा अलग-अलग विद्यार्थियों के पेपरों में एक ही लिखे पाए जाने पर यूएमसी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यूएमसी हटाने अथवा शीशे का साइज कम करने की किसी भी मांग पर विचार नहीं किया जाएगा। यूएमसी पर निर्णय आठ से 11 सितंबर तक होने वाली यूएमसी कमेटी की बैठक में लिया जाएगा। इसलिए यह मांग पूर्णतया अनुचित है। नकल माफिया द्वारा दो फीट बाई तीन फीट के शीशे को पीछे लगा कर नकल करने के उपाय बताए गए हैं। अभी तक नकल माफिया चार फीट बाई तीन फीट के शीशे के साथ नकल करने का तरीका नहीं ढूंढ पाया है। इसलिए शीशे का साइज कम करना नक़ल माफिया की सहायता करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन नकल माफिया के किसी भी दांव पेंच के आगे नहीं झुकेगा एवं नकल रहित परीक्षा करवाने में सफल रहेगा। सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अनुरोध है कि वे नकल माफिया के बहकावे में न आएं एवं नकल को बढ़़ावा देने वाले प्रदर्शनों से दूर रहें। विद्यार्थियांे की जो भी उचित मांग होती हैं वह तुरंत मान ली जाती हैं। जैसे कि कोविड के कारण यूनिट अनुसार प्रश्नों के स्थान पर कोई पांच प्रश्न करना शामिल रहा है।

नकल माफिया को किसी भी सूरत में नहीं पनपने दिया जाएगा : कुलसचिव

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक एवं कुलसचिव डा. राजेश बंसल ने कहा कि नकल को रोकने के लिए विश्वविद्यालय कृतसंकल्प है एवं नकल को बढ़ावा देने वाले किसी दवाब के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने उन सभी विद्यार्थिओं से अनुरोध किया कि जो स्वस्थ हैं एवं नकल रहित परीक्षा देना चाहते हैं वे परीक्षा केंद्रों में जाकर परीक्षा दें।

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