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4 से 6 जुलाई के बीच हरियाणा में मानसून की बारिश के आसार

3 जुलाई तक हरियाणा राज्य में मॉनसूनी हवाये कमजोर रहने की संभावना से राज्य में मौसम परिवर्तनशील व बीच बीच में आंशिक बादल व हवाये चलने और कुछ एक स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है परन्तु 3 जुलाई देर रात्रि से मॉनसूनी हवायों के फिर से सक्रिय होने की संभावना को देखते हुए 4 जुलाई से 6 जुलाई के बीच राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में हवायों के साथ बारिश संभावित ।

मौसम की जानकारीः-  सूरज की तपिश से लोगों को मिली राहत, दिल्ली में इस सप्ताह दस्तक दे सकता है मानसूनमौसम की जानकारी (प्रतीकात्मक फोटो)

हिसार। कृषि मौसम विज्ञान विभाग, चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अनुसार दक्षिण पश्चिमी मॉनसूनी हवायों का टर्फ हिमालय की तलहटीयों व उत्तर पूर्व व पूर्वोत्तर भागों की तरफ चले जाने से उत्तरी भारत में विशेषकर हरियाणा राज्य में मॉनसूनी हवाये कमजोर हो जाने से राज्य में मौसम गर्म तथा तापमान सामान्य से अधिक हो गया परन्तु एक साइक्लोनिक सरकुलेशन सिस्टम पूर्वी उत्तरप्रदेश में तथा एक अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम मध्य पाकिस्तान में बनने से मॉनसूनी हवाये फिर से मैदानी क्षेत्रों की तरफ बढ़नी शुरू हुई जिससे कल 29.6.2020 रात्रि से राज्य में उत्तर पूर्व व दक्षिण हरियाणा में मौसम में हल्का बदलाव हुआ है।

मौसम पूर्वानुमान:-

3 जुलाई तक हरियाणा राज्य में मॉनसूनी हवाये कमजोर रहने की संभावना से राज्य में मौसम परिवर्तनशील व बीच बीच में आंशिक बादल व हवाये चलने और कुछ एक स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है परन्तु 3 जुलाई देर रात्रि से मॉनसूनी हवायों के फिर से सक्रिय होने की संभावना को देखते हुए 4 जुलाई से 6 जुलाई के बीच राज्य में ज्यादातर क्षेत्रों में हवायों के साथ बारिश संभावित ।

मौसम आधारित कृषि सलाह:-

1. अगले तीन दिन और मौसम परिवर्तनशील व गर्म रहने की संभावना को देखते हुए धान की रोपाई पानी की उपलब्धता अनुसार करे ।

2. 4 जुलाई से बारिश की संभावना को देखते हुए बाजरा ग्वार अरहर आदि फसलों की बिजाई करते समय बदलते मौसम का ध्यान अवश्य रखे।

3. नरमा कपास में निराई गुड़ाई करे ताकि बारिश होने पर नमी अच्छी प्रकार से संचित हो सके।

4. 4 जुलाई से अच्छी बारिश की सभावना को देखते हुए नरमा कपास की फसल में जलनिकासी का प्रबंध अवश्य करे ताकि बारिश का पानी ज्यादा देर तक फसल में खड़ा न रह सके ।

5. प्रमाणित नर्सरी से उत्तम किस्मों के फलदार पौधों को लेकर बारिश के बाद खेतों में लगाना शुरू करे ।

6. अगले तीन दिनों तक मौसम परिवर्तनशील व गर्म रहने की संभावना के कारण सब्जियों व फलदार पौधों में आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करे।

अन्य कृषि सलाह

1. हवा में बदलाव बार बार होने की संभावना को देखते हुए राजस्थान के आसपास के जिलों के किसान भाई टिड्डी दल के प्रति सजग रहे तथा खेतों में लगातार निगरानी रखे। यदि खेत में कहीं भी टिड्डी दिखाई दे तो तुरंत नजदीक के कृषि अधिकारी व कृषि विज्ञान केंद्र/ विश्विद्यालय के कीटविज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों को तुरन्त सूचित करें।

2. कोरेना से बचाव हेतु किसान भाई मुहँ पर मास्क या गमोछा रखे, मंडी/ गांव व खेत में काम करते समय एक दूसरे के बीच व्यक्तिगत दूरी बना कर अवश्य रखे तथा हाथों को समय समय पर साबुन या सेनेटाइजर से अवश्य साफ करे । स्वछता का ध्यान अवश्य रखे।

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