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पंचकूला में लाखों मुर्गियों के मरने का मामला : पर्यावरण विभाग को जांच कर दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट

उन्होंने हरियाणा पर्यावरण विभाग के अफसरों को पूरे मामले में जांच कर 2 दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने कुछ स्थानों पर खुले में बर्ड डाल दिए जाने और इनका सही तरह से निस्तारण नहीं हो पाने पर चिंता जाहिर की है।

पंचकूला में लाखों मुर्गियों के मरने का मामला : पर्यावरण विभाग को जांच कर दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट
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चंडीगढ़। पंचकूला जिले की बरवाला पोल्ट्री बेल्ट में बर्ड फ्लू का वायरस फैलने के बाद लाखों मुर्गियों की मौत के मामले को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने बेहद गंभीरता से लिया है।

उन्होंने हरियाणा पर्यावरण विभाग के अफसरों को पूरे मामले में जांच कर 2 दिनों के अंदर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने कुछ स्थानों पर खुले में बर्ड डाल दिए जाने और इनका सही तरह से निस्तारण नहीं हो पाने पर चिंता जाहिर की है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एग्जीक्यूटिव कमेटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने पंचकूला बरवाला पोल्ट्री बेल्ट में बर्ड फ्लू फैल जाने के बाद चार लाख से ज्यादा मुर्गियां मरने के मामले को मीडिया में प्रकाशित होने के बाद संज्ञान लिया है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से मामले का संज्ञान लेकर पर्यावरण विभाग के अधिकारियों से 2 दिन में मरने वाली बर्ड और उनके वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण के स्थान पर लापरवाही करने वालों के बारे में रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

एनजीटी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमिटी के चेयरमैन जस्टिस प्रीतम पाल सिंह ने गत दिवस 3 मंडल वह 9 जिलों की बैठक ली थी। इस दौरान उन्होंने बर्ड फ्लू के वायरस के बारे में हरियाणा पर्यावरण विभाग वह नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से इस बारे में सवाल किया लेकिन इस मामले में कोई अपडेट नहीं होने पर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए इस पर 2 दिन में रिपोर्ट तलब कर ली है।

जस्टिस प्रीतम पाल ने कहा मीडिया में आई रिपोर्ट से उन्हें चार लाख से ज्यादा बर्ड मर जाने की सूचना मिली है। हरियाणा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों को इसके वैज्ञानिक पूर्ण ढंग से निस्तारण वह मृत्यु आदि के बारे में अपडेट लेना चाहिए था।

लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक संकेत हैं। ने कहा कि पूरे मामले में पर्यावरण विभाग को एक टीम बनाकर 2 दिन के अंदर रिपोर्ट पेश करनी होगी बीमार बर्ड और मरने वाली वर्ल्ड का निस्तारण कैसे किया जा रहा है।

इस पूरे मामले में समय रहते एक्शन क्यों नहीं लिया गया ?और कौन लोग लापरवाह हैं? यह सारे तथ्य रिपोर्ट में पेश करने होंगे। जस्टिस प्रीतम पाल सिंह का कहना है कि बर्ड सड़क के किनारे फेंकने के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। इनकी सच्चाई की जांच पड़ताल करने के लिए भी कहा गया है ।



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