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धोखाधड़ी मामले में एसडीएम और डीईओ समेत पांच अधिकारियों पर केस दर्ज

गांव मुजाफ़्त निवासी संजीव कुमार ने बताया कि मामचंद गुर्जर ने जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन करते समय दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र लगाया था। उसे पता चला कि मामचंद का प्रमाण पत्र फर्जी है। जबकि इन अधिकारियों ने इसे सही बताया था।

धोखाधड़ी मामले में एसडीएम और डीईओ समेत पांच अधिकारियों पर केस दर्ज
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हरिभूमि न्यूज : यमुनानगर

जिला परिषद के पूर्व मेंबर मामचंद गुर्जर के फर्जी सर्टिफिकेट को सही करार देने और एफआईआर कैंसल करने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम और रिटायर्ड डीईओ समेत पांच अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज किया है। मामले की जांच का जिम्मा डीएसपी आशीष चौधरी को सौंपा गया है।

जानकारी के अनुसार गांव मुजाफ़्त निवासी संजीव कुमार ने बताया कि मामचंद गुर्जर ने जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन करते समय दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र लगाया था। उसे किसी परिचित से पता चला कि मामचंद ने दसवीं का जो प्रमाण पत्र लगाया है वह फर्जी है। यह प्रमाण पत्र बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मध्य भारत ग्वालियर द्वारा वर्ष 2009 में जारी किया गया था। उसने 16 जुलाई को डीईओ कार्यालय जिला ग्वालियर मध्य प्रदेश में आरटीआई लगाई। उसे आरटीआई में सूचना दी गई कि बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मध्य भारत ग्वालियर के नाम से शिक्षा बोर्ड नहीं है। रिकॉर्ड के आधार पर उसने इसकी शिकायत डीसीए एसपी व डीईओ को दी।

बीईओ ने सर्टिफिकेट को बताया सही

संजीव ने बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने सीएम विंडो पर भी की थी। जहां से डीईओ को जांच करने को कहा गया। डीईओ ने जांच बीईओ सरस्वती नगर को सौंप दी। बीईओ ने अपनी जांच में सर्टिफिकेट को सही बताया। फिर संजीव ने लोकायुक्त को शिकायत दी। जहां से एसडीएम बिलासपुर को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। आरोप है उन्होंने भी सही तथ्यों को छिपाकर गलत रिपोर्ट भेज दी। थाना बिलासपुर में 20 सितंबर 2018 को मामचंद के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि तत्कालीन एसएचओ व जांच अधिकारी ने भी मामले में लापरवाही बरती।

इस मामले में वकील मनोज चौहान ने बताया कि 24 मार्च को ही उन्होंने बिलासपुर न्यायालय में याचिका लगाई थी। जिस पर कोर्ट ने याचिका स्वीकार की और आरोपितों के खिलाफ पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। अब पुलिस ने बिलासपुर के तत्कालीन एसडीएम गिरीश कुमार (वर्तमान पोस्टिंग बराड़ा एसडीएम) तत्कालीन डीईओ आनंद चौधरी ( सेवानिवृत्त) तत्कालीन बीईओ सरस्वती नगर सुरेंद्र पाल, तत्कालीन थाना बिलासपुर प्रभारी सुनील बेनीवाल तथा जांच अधिकारी एएसआई सतपाल के खिलाफ धारा 406ए 420ए 467ए 468ए 471ए 120 बी तथा 13 प्रोविजन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

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