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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी सहित 71 नामजद, 900 के खिलाफ केस दर्ज

गौरतलब है कि भाजपा द्वारा आयोजित किसान महापंचायत में हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ सहित कई मंत्रियों ने हिस्सा लेना था लेकिन किसानों के विरोध के चलते मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाए।

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी सहित 71 नामजद, 900 के खिलाफ केस दर्ज
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हरिभूमि न्यूज़। करनाल। पुलिस ने भाजपा द्वारा आयोजित की गई कैमला गांव में रविवार को हुई किसान महापंचायत में तोड़फोड़ करने के आरोप में 900 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है जबकि भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ्नी सहित 71 लोगों को नामजद किया गया है।

गौरतलब है कि भाजपा द्वारा आयोजित किसान महापंचायत में हरियाणा के मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ सहित कई मंत्रियों ने हिस्सा लेना था लेकिन किसानों के विरोध के चलते मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाए।

क्योंकि प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मुख्यमंत्री के हेलीपैड को उखाड़ दिया और स्टेज पर जाकर भी हंगामा किया इसके बाद महापंचायत में पहुंचे दूसरे नेताओं ने मंदिर में छिपकर सुरक्षित रास्ते से निकलने मैं ही समझदारी समझी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कड़ा संज्ञान लेते हुए कहा कि यह किसानों का काम नहीं है इसके पीछे कांग्रेसी नेताओं की चाल है।

बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कल करनाल के कैमला गांव में होने वाली महापंचायत को किसानों ने नहीं होने दिया। मौसम का हवाला देते हुए प्रशासन ने काफी समय तक इंतजार करने के बाद कार्यक्रम को रद्द कर दिया ।

कैमला गांव में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर हालांकि प्रशासन ने कई दिनों से काफी पुख्ता इंतजाम किए हुए थे। लेकिन आज सुबह से ही भारी संख्या में किसान इस महापंचायत का विरोध कर रहे थे। किसान काले झंडे लेकर इस कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे।पुलिस ने बैरिकेड लगाकर गांव को चारों ओर से घेरा हुआ था और हेलीपैड पर भी भारी सुरक्षा बल तैनात था।

सुबह करनाल के एसपी गंगाराम पूनिया से प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रैली स्थल पर जाने के लिए निवेदन किया लेकिन सुरक्षा का हवाला देते हुए उन्होंने इसकी मंजूरी नहीं दी ।इसके बाद प्रदर्शन कर रहे किसान आक्रोश में आ गए और बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया प्रशासन ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर किसानों को खदेड़ने का प्रयास किया।

प्रदर्शन के दौरान एक बार ऐसी नौबत आ गई थी ग्रामीणों और प्रदर्शन कर रहे किसानों में आपसी टकराव हो गया और दोनों तरफ से लाठी-डंडों से तैनात प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी लेकिन पुलिस प्रशासन ने बीच में आकर दोनों पक्षों को शांत किया। लेकिन भारी संख्या में किसान पुलिस प्रशासन के इस बचाव को नजरअंदाज करते हुए खेतों के रास्ते सीएम के लिए बने हेलीपैड के पास पहुंच गए ।

पुलिस प्रशासन ने उन्हें रोकने का भरपूर प्रयास किया लेकिन किसानों ने प्रशासन की एक भी नहीं चलने दी और सीएम के लिए बने हेलीपैड को उखाड़ दिया।।हालांकि प्रशासन इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई दिनों से प्रशासन व बीजेपी नेता प्रयास कर रहे थे। विरोध कर रहे किसानों को घरौंडा के विधायक हरविंदर कल्याण वह उपायुक्त कई बार बातचीत कर चुके थे लेकिन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों ने उनकी बात नहीं मानी जिसके कारण आपसी हाटकर्मी के कारण मुख्यमंत्री का प्रोग्राम रद्द करना पड़ा।


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