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सावधान! ऑक्सीजन और कोविड की दवाओं के नाम पर ठगी करने में लगे साइबर अपराधी

डीजीपी मनोज यादव ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए आज यहां बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यापक आवश्यकता के बीच साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी का एक नया तरीका निकाला है।

सावधान! ऑक्सीजन और कोविड की दवाओं के नाम पर ठगी करने में लगे साइबर अपराधी
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Haribhoomi News : हरियाणा पुलिस (Haryana Police) ने कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों को ई-कॉमर्स पोर्टल ओएलएक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से ऑक्सीजन सिलेंडर व अन्य जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने का दावा करने वालों से सतर्क रहने का आग्रह किया है। ऐसे साइबर अपराधी वर्तमान कोरोना महामारी का फायदा उठाकर ठगी कर सकते हैं।

डीजीपी मनोज यादव ने इस संबंध में एडवाइजरी जारी करते हुए आज यहां बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यापक आवश्यकता के बीच साइबर अपराधियों ने धोखाधड़ी का एक नया तरीका निकाला है। साइबर जालसाज ऑक्सीजन की उपलब्धता के नाम पर जरूरतमंद लोगों को धोखा देने की कोशिश में लगे हैं। चिकित्सा संसाधनों की सख्त जरूरत वालों को ये अपने जाल में फंसा सकते हैं।

शातिर हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के आसपास क्षेत्रों में सक्रिय

उन्होंने बताया कि तेजी से पैसा बनाने के चक्कर में साइबर जालसाज़ ज़रूरतमंदों को धोखा देने के लिए आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं। साइबर ठग ओएलएक्स और फेसबुक/इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर ऑक्सीजन सिलेंडर और कोविड के उपचार मंे इस्तेमाल होने वाली दवाओं की उपलब्धता बारे फर्जी विज्ञापन पोस्ट कर रहे हैं। उनके पास बेचने के लिए कुछ भी नहीं है, केवल मात्र मौजूदा स्थिति का फायदा उठाकर लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है। ओएलएक्स पर ऑक्सीजन की ऑनलाइन कालाबाजारी में लगे हुए ऐसे शातिर हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के आसपास क्षेत्रों में सक्रिय हैं। उन्होंने लोगों को अत्यधिक सर्तकता बरतते हुए ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए ओएलएक्स सहित अन्य प्लेटफार्म पर आक्सीजन की बिक्री का झांसा देने वालों से सावधान रहने की सलाह दी है।

यहां दे कालाबाजारी की सूचना

कोविड के बढ़ते से संक्रमण के मद्देनजर पुलिस द्वारा मोबाइल नंबर 7087089947 और टोल-फ्री नंबर 1800-180-1314 भी जारी किया गया है, जहां ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमेडिसविर इंजेक्शन और अन्य जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी पुलिस के साथ साझा की जा सकती है।

जमाखोरों को चेतावनी

डीजीपी ने ऑक्सीजन सिलेंडर सहित कोविड के उपचार में इस्तेमाल होने वाली अन्य जीवनरक्षक दवाओं की जमाखोरी, अवैध खरीद या बिक्री के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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