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यार्ड में खड़ी हुईं बसें, कोेरोना से डर से सफर नहीं कर रहे लोग

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय से निर्देश है कि जब तक बस में 50 प्रतिशत यात्री न हो, तब तक संबंधित रूट पर बसें नही चलाई जाएगी। ऐसे में सुबह से ही विभिन्न रूटों पर रोडवेज ने अपनी बसें खड़ी कर दी थी, चालकों और परिचालकों की ड्यूटी भी लगा दी गई थी, परंतु यात्रियों की कमी की वजह से बस सेवाएं बंद ही रही।

यार्ड में खड़ी हुईं बसें, कोेरोना से डर से सफर नहीं कर रहे लोग
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रोडवेज बसें।

हरिभूमि न्यूज : रोहतक

कोविड-19 संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। सरकार ने लोगों की सुरक्षा व संक्रमण की चैन तोड़ने के लिए दस मई तक लॉकडाउन की घोषणा की हैं। लॉकडाउन लगने के कारण रोडवेज विभाग की तरफ से दो दिन से बस स्टैंड के गेट पर ताला लगा रखा था। सोमवार को विभाग ने गेट को खोला। रूटों पर बसों को चलाने का प्रयास किया, लेकिन यात्री ही नहीं पहुंच रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय से निर्देश है कि जब तक बस में 50 प्रतिशत यात्री न हो, तब तक संबंधित रूट पर बसें नही चलाई जाएगी। ऐसे में सुबह से ही विभिन्न रूटों पर रोडवेज ने अपनी बसें खड़ी कर दी थी, चालकों और परिचालकों की ड्यूटी भी लगा दी गई थी, परंतु यात्रियों की कमी की वजह से बस सेवाएं बंद ही रही। यात्रियों की संख्या 50 प्रतिशत होने पर संबंधित रूट पर बसों को चला दिया जाएगा। वहीं, रेलवे स्टेशन पर मजदूरों की भीड़ भी लगनी शुरू हो गई। मजदूरों ने पलायन शुरू कर दिया है।

स्टेशन पर पहुंच रहे प्रवासी मजदूर

लॉकडाउन लगने के बाद प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो गया है। सोमवार को रेलवे स्टेशन पर काफी संख्या में प्रवासी मजदूर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर पहुंचने वाले मजदूरों में महम, लाखनमाजरा और रोहतक क्षेत्रों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर पहुंचे थे। मजदूरों ने बताया कि पिछले साल कोरोना संक्रमण की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण मजदूरों को अपने घरों तक पहुंचने के लिए काफी दिक्कत झेलनी पड़ी थी। कई लोगों को सैकड़ों किलोमीटर का सफर पैदल भी तय करना पड़ा था। ऐसे में मजदूर इस बार समय रहते अपने घरों तक पहुंचना चाहते हैं। मजदूरों को डर सता रहा है कि एक सप्ताह का लॉकडाउन कहीं कई महीनों में न बदल जाए।

डिपो को हो रही आर्थिक हानि : जीएम

लॉकडाउन के चलते परिसर में यात्री नहीं पहुंच रहे हैं। डिपो को आर्थिक हानि का सामना करने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। रोडवेज ने अपने चालकों व परिचालकों को ड्यूटी पर तैनात कर रखा हैं। यात्रियों की संख्या के हिसाब से रूठों पर भेजने का काम किया जाएगा। - राहुल मित्तल, रोडवेज जीएम

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