Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Raksha Bandhan : भीड़ तो दूर सामान्य दिनों जितने भी यात्री नहीं मिले बसों को

इस बार रक्षाबंधन पर बसों में भीड़भाड़ तो दूर सामान्य दिनों जितने यात्री भी बस अड्डे (Bus station) पर नजर नहीं आए। रोडवेज और प्राइवेट बसें (Roadways and Private Buses) यात्रियाें का इंतजार करती नजर आईं।

Raksha Bandhan : भीड़ तो दूर सामान्य दिनों जितने भी यात्री नहीं मिले बसों को
X
बहादुरगढ़। बस अड्डे में खाली खड़ी रोडवेज व निजी बसें।

हरिभूमि न्यूज : बहादुरगढ़

रक्षा बंधन के दिन परिवहन सेवा (Transport service) पर कोरोना का असर साफ नजर आया। भीड़भाड़ तो दूर सामान्य दिनों जितने यात्री भी बस अड्डे पर नजर नहीं आए। रोडवेज और प्राइवेट बसें (Roadways and Private Buses) यात्रियाें का इंतजार करती नजर आईं।दरअसल, हर साल रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) से एक दिन पहले ही यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। महिला यात्रियों को तो रक्षाबंधन पर हर साल मुफ्त यात्रा का तोहफा सरकार देती थी। इस बार कोरोना के कारण मुफ्त यात्रा सुविधा सरकार (Government) की ओर से नहीं दी गई। इसके बावजूद ये उम्मीद जताई जा रही थी कि बेशक मुफ्त यात्रा नहीं है, लेकिन सवारियों पर शायद इसका असर ज्यादा न हो। इसलिए परिवहन निगम की ओर से पूरी तैयारियां कर ली गई थी। तमाम बसें तैयार की गईं और दो शिफ्टों में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई।

सोमवार की सुबह ही सारी की सारी उम्मीदें और तैयारियां धरी की धरी रह गईं। सुबह दस बजे तक कुछ ही सवारियां बस अड्डे में थी। अधिकांश रोडवेज और प्राइवेट बसें यात्रियों के अभाव में खाली ही खड़ी थी। सुबह 11 बजे के बाद तो यात्रियों की संख्या में और कमी आई। रोडवेज कर्मियों ने बताया कि भीड़ तो दूर आम दिनों की अपेक्षा भी यात्री कम थे। बसें भी कम ही चली। यात्रियों को लेकर निजी बसों के चालक-परिचालक तो एक दूसरे से उलझते भी रहे। बस अड्डे के डीआई धर्मवीर सिंह राठी ने बताया कि रोडवेज की ओर से तैयारियां पूरी थी, लेकिन यात्री ही कम थे। लोगों में कोरोना का भय है। इसलिए लोगों ने अपने ही निजी वाहनों पर सफर करने पर जोर दिया। यही वजह रही कि अड्डे में सवारियां कम आईं।




Next Story