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जिन गांवों में बस व ऑटो की सुविधा भी नहीं वहां बन गए बस क्यू शेल्टर

जहां पर बस की सुविधा है उन गांवों को अब तक बस क्यू शैल्टर की सुविधा नहीं मिली है। हालांकि इन रूट के यात्री कई बार परिवहन विभाग से भी बस क्यू शेल्टर बनाने की मांग की चुकी है।

जिन गांवों में बस व ऑटो की सुविधा भी नहीं वहां बन गए बस क्यू शेल्टर
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गांव सोहाता में बन रहा बस क्यू शेल्टर। 

रहमदीन : बराड़ा

अंबाला जिले के बराड़ा क्षेत्र में सरकार की ओर से कई गांवों में बस क्यू शेल्टर बनाए गए हैं। सरकार ने जिन गांवों में आज तक बस या ऑटो की सुविधा नहीं पहुंची वहां पर तो बस क्यू शेल्टर बनाए दिए,लेकिन जहां पर बस की सुविधा है उन गांवों को अब तक बस क्यू शेल्टर की सुविधा नहीं मिली है। हालांकि इन रूट के यात्री कई बार परिवहन विभाग से भी बस क्यू शेल्टर बनाने की मांग की चुकी है।

इन गांवों में नहीं बने बस क्यू शेल्टर-क्षेत्र में जहां एक ओर गांव चहलमाजरा, दादुपूर, सज्जनमाजरी, सोहाता, राजौली, सोहाना, सरकपुर व अन्य कई गांवों में बस क्यू शेल्टर बनाए गए हैं तो वहीं गांव तंदवाल, तंदवाली व राऊमाजरा में लोगों को अभी तक भी बस क्यू शेल्टर की सुविधा नहीं मिल पाई है। इस कारण दैनिक यात्रियों को सर्दी, बरसात व गर्मी की समस्या का सामना करना पड़ता है। आपको बता दें कि तंदवाल, तंदवाली व राऊमाजरा से बड़ी संख्या में यात्री बस व ऑटो से बराड़ा व शाहाबाद की यात्रा करते है। ऐसे में प्रश्र उठता है कि जो यात्री बस क्यू शेल्टर बनाए जाने की मांग कर रहे थे आखिर उनकी मांग कब पूरी होगी।

तीन जिलों को जोड़नेे वाला अधोया भी शेड को तरस रहा-अधोया चौक से प्रतिदिन सैकड़ों की तादाद में लोग बसों या ऑटो से शाहाबाद-सढ़ोरा की ओर जाते है लेकिन विभाग ने इस ओर भी ध्यान नहीं दिया। बता दें कि अधोया से अंबाला, यमुनानगर व कुरुक्षेत्र तीन जिलों को जोड़ने वाली सीमा है। जिस कारण यहां से बड़ी संख्या में लोग आवाजाही करते है लेकिन बस क्यू शेल्टर न होने के कारण लोगों को यहां पर सड़क पर खड़े होकर ही बस का इंतजार करना पड़ता है। यही हाल गांव जलुबी व अधोई का है यहां से भी प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में सवारियां अपनी मंजिल तक पहुंचती है।

फिलहाल कोई जानकारी

मुझे इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी है कि यह किन-किन गांवों में और किसके द्वारा बनाए गए है इस बारे में कार्यालय में जाकर ही जानकारी लेकर ही बताया जा सकता है- सुमन कादियान, बीडीपीओ बराड़ा।

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