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एक विवाह ऐसा भी : शादी में अंगदान-देहदान करने का आठवां वचन लेंगे दूल्हा-दुल्हन

वीरवार को 9 दिसंबर को गढ़ी सांपला से बारात लेकर संदीप कानोंदा में सुलेखा के घर विवाह करने पहुंचेगा। शादी में दूल्हा-दुल्हन अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

कानोंदा में 9 दिसंबर को एक अनोखी शादी होगी। इस शादी में आठवां वचन होगा अंगदान और देहदान का। इसमें पिता जहां कन्यादान करेंगे, वहीं दूल्हा-दुल्हन अंगदान के लिए रजिस्ट्रेशन कराएंगे। दरअसल, वीरवार को गढ़ी सांपला से संदीप बारात लेकर कानोंदा में सुलेखा के घर विवाह करने पहुंचेगा।

बता दें कि गांव खरहर की समाज कल्याण शिक्षा समिति द्वारा अंगदान व शरीर दान को लेकर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। वे अब तक कई लोगों के अंग व देहदान करवा चुके हैं। समिति से जुड़े आनंद के अनुसार शरीर के नौ अंग मृत्यु के बाद दान किए जा सकते हैं। इससे 28 प्रकार के रोगियों को बेहतर जीवन मिल सकता है। आंख, लीवर, किडनी, लंग्स, हार्ट, स्किन आदि का भी दान किया सकता है। जिन लोगों का लिवर कैंसर, हेपेटाइटिस आदि बीमारियों से खराब हो गया है, उनके लिए यदि एक व्यक्ति लीवर दान करता है, तो यह तीन लोगों के लिए काम आ सकता है। त्वचा का दान किया जाए तो उसे पांच साल तक सुरक्षित रखा जा सकता है और यह तेजाब के शिकार या आग से जले लोगों के काम आ सकती है।

बता दें कि भारत में हर साल पांच लाख लोगों की मौत केवल अंगों के नाकाम होने के कारण होती है। इसमें दो लाख लोग लिवर खराब होने, डेढ़ लाख लोग किडनी और 50 हजार लोग हृदय के फेल होने से मर जाते हैं। हर साल डेढ़ लाख किडनी की आवश्यकता होती है, लेकिन केवल पांच हजार ही उपलब्ध हो पाती हैं। आवश्यकता अधिक और आपूर्ति कम होने की वजह से ही अवैध तरीके से अंग हासिल करने के लिए मानव तस्करी, बच्चों के गुम होने और अवैधानिक तरीके अपनाने जैसे अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।

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