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Boxer Manoj Kumar ने कही ऐसी बात, जो केवल सैनिक का बेटा ही कह सकता है, राजनेता नहीं

बॉक्सर मनोज कुमार (Boxer Manoj Kumar) ने सरकारों तक तंज कसते हुए कहा है कि उनसे क्या मांगना जो खुद बैसाखियों पर हैं

पूर्व मुक्केबाजी कोच संधू ने मनोज कुमार के भाई का नाम द्रोणाचार्य के लिये भेजा
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हरिभूमि न्यूज रोहतक

साधारण परिवार से संबंध रखने वाले अंतरराष्ट्रीय खिलाडी मनोज कुमार और उनके कोच और बडे भाई राजेश कुमार का पूरा जीवन संघर्ष में गुजरा है। मनोज को बुलंदियों पर पहुंचाने के लिए भाई ने खुद को खिलाडी से कोच में बदल लिया और सामान्य पृष्ठभूमि से उठकर भाई को एक बेजोड बॉक्सर बनाया। रेलवे में कार्यरत मनोज कुमार ऐसे इकलौते बॉक्सर हैं जिन्हें अपने अर्जुन अवार्ड तक के लिए कानून का दरवाजा खटखटाना पडा था। खैर, अब फिर मनोज कुमार चर्चा में हैं और चर्चा शुरू हुई थी बधाई को लेकर।

हरियाणा सरकार ने दादरी से चुनाव लड चुकी भाजपा की नेता और कुश्ती खिलाडी बबीता फौगाट को फिर से सरकारी नौकरी प्रदान करते हुए खेल विभाग में उपनिदेशक लगाया है और इसी के साथ जींद की कविता दलाल जो डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू में खेलती हैं उन्हें भी खेल उपनिदेश के पद पर नवाजा है। मनोज कुमार ने अपने ट्वीट्टर हेंडल से दोनों महिला खिलाडियों को बधाई देते हुए एक ट्वीट किया।


मनोज कुमार के इस ट्वीट पर उनके ्एक फॉलोवर ने ऐसी बात पूछ ली जो मनोज के दिल की बात को जुबां पर ले गई।

फॉलोवर ने पूछा कि भाईसाहब आपकी तरफ क्यों नहीं देखती हरियाणा सरकार, आपकी उपलब्धियां तो इनसे भी ज्यादा हैं। बॉक्सर मनोज कुमार ने इसके जवाब में जो लिखा वो हर किसी के प्रेरणा देने वाला है। मनोज ने जो लिखा वो केवल एक सैनिक का बेटा ही लिख सकता है, कोई राजनीति से जुडा हुआ व्यक्ति नहीं।



बॉक्सर मनोज कुमार की बात को काफी लोगों ने सराहा है। एक तरह से मनोज कुमार ने पूरी राजनीति को ये आइना दिखाया है कि वो चुनचुनकर केवल उनको लाभ ना पहुंचाएं जिनकी पहले से ही पहुंच है।

गौरतलब है कि मनोज कुमार रेलवे में कार्यरत हैं लेकिन बेशुमार उपलब्धियो के बावूजद अभी तक कई सरकारें आई और गई लेकिन मनोज कुमार की तरफ किसी ने नहीं देखा। मनोज ने जो हासिल किया अपनी मेहनत और अपने बूते से किया है।

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