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महाशिवरात्रि : बम-बम भोले के गूंजने लगे जयकारे, हरिद्वार से गंगा जल लेकर कांवड़ियों का आवागमन शुरू

इस बार 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है। जिसके लिए शिव मंदिरों में अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कांवड़िए बम-बम भोले का जयघोष करते हुए कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे है।

महाशिवरात्रि : बम-बम भोले के गूंजने लगे जयकारे, हरिद्वार से गंगा जल लेकर कांवड़ियों का आवागमन शुरू
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यमुनानगर की सड़कों से होकर महाशिवरात्रि पर्व के लिए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर गुजरते कांवड़िए।

हरिभूमि न्यूज. यमुनानगर

महाशिवरात्रि का पर्व मनाए जाने में अब मात्र चार दिन शेष बचे हैं। जिसके लिए कांवड़ियों के जत्थे हरिद्वार से पवित्र गंगा जल लेकर बम-बम भोले की जयकार करते हुए अपने गंतव्य पर बढ़ने लगे हैं। जिससे सड़कों पर कांवड़ियों के जयकारों से वातावरण शिवमय बनने लगा है।

महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में सड़कों पर दिन भर कांवड़िए बम-बम भोले का जयघोष करते हुए कांवड़ लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे है। इन कांवडि़यों में ज्यादातर पंजाब, हिमाचल व जम्मू के कांवड़िए थे। पंजाब के डेराबस्सी विरेंद्र व सुरेंद्र ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से महाशिवरात्रि पर्व के मौके पर हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य पर जाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। जिससे उन्हें न केवल आत्मिक शांति मिलती है, बल्कि उनकी मन्नत भी पूरी होती है।

आकर्षक रुप से सजाए शिव मंदिर

महाशिवरहात्रि पर्व के लिए जिले में शिव मंदिरों को आकर्षक रुप से सजाया जा रहा है। शहर स्थित शिव मंदिर के पुजारी आचार्य सतीश ने बताया कि इस बार 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जा रहा है। जिसके लिए शिव मंदिरों में अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

दो दिवसीय समागम की सभी तैयारियां पूर्ण

श्री ज्योतिलिंर्ग सिद्ब पीठ पातालेश्वर महादेव मंदिर बुडि़या में महाशिवरात्रि महापर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। महादेव मंदिर में 11 व 12 मार्च को होने वाले इस दो दिवसीय समागम की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। मंदिर प्रबंधक कमेटी के प्रधान डॉ. जनार्दन शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व पर हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां स्थित शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संकट के चलते इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को मंदिर में महादेव के दर्शन करते समय नियमों का पालना करना जरूरी है।

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