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भिवानी नगर परिषद ने तैयार की नेचुरल खाद की पहली खेप, अब लैब में होगा परीक्षण

अधिकारियों द्वारा की गई मेहनत से एक तरफ जहां भिवानी दादरी रोड पर नजर आने वाली गंदगी के स्थान पर अब स्वच्छ तथा साफ सुथरा नजारा नजर आता है तो वहीं अब जल्द ही अन्य कंपोस्ट पीट की खाद भी तैयार हो जाएगी जिससे कचरे का निस्तारण भी हो जाएगा तथा लोगों को बिना कैमिकल के तैयार की हुई खाद भी मुहैया हो पाएगी।

राज्य में खाद के 45 और बीज के 42 नमूने अमानक
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फर्टिलाइजर (प्रतीकात्मक फोटो)

कुलदीप शर्मा : भिवानी

नगर परिषद द्वारा शहर के घरों की रसाई से निकलने वाली गीले कचरे से खाद बनाने की शुरू की गई प्रक्रिया अब सफल होती हुई नजर आ रही है। भिवानी दादरी रोड पर बने एमआरएफ यानि (मैटीरियल रिकवरी फैसेलिटी) सेंटर पर खाद बनाने के लिए बनाए गए 56 कंपोस्ट पीट में से सात कंपोस्ट पीट में खाद बनकर तैयार हो चुकी है। अगले सप्ताह इस खाद को लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। लैब में जांचने के बाद ही यह तय होगा कि खाद कितनी फायदेमंद होगी।

लैब में परीक्षण इसलिए करवाया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाद का प्रयोग किसान तथा अन्य लोग कितने दिनों तक कर सकते हैं तथा खाद को कितने दिनों तक पैक करके रखा जा सकता है। अधिकारियों द्वारा की गई मेहनत से एक तरफ जहां भिवानी दादरी रोड पर नजर आने वाली गंदगी के स्थान पर अब स्वच्छ तथा साफ सुथरा नजारा नजर आता है तो वहीं अब जल्द ही अन्य कंपोस्ट पीट की खाद भी तैयार हो जाएगी जिससे कचरे का निस्तारण भी हो जाएगा तथा लोगों को बिना कैमिकल के तैयार की हुई खाद भी मुहैया हो पाएगी। खाद को किस रेट में बेचा जाएगा इस बारे में भी नप अधिकारी विचार विमर्श कर रहे हैं। एमआरएफ सेंटर चलाने के लिए नगर परिषद ने कर्मचारियों को तैनात कर रखा है तथा उनको वेतन समय पर मिले इसलिए कचरे तथा खाद को बेचा जाएगा ताकि कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

अगस्त माह में हुआ था निर्माण कार्य शुरू

डंपिंग प्वाइंट पर बनकर तैयार हुए एमआरएफ सेंटर के लिए जुलाई माह में टेंडर लगाए गए थे तथा अगस्त माह में एक कंपनी द्वारा इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। 17 लाख 29 हजार रुपये की लागत से तैयार हुए सेंटर को बनाने को मुख्य उद्देश्य रोजाना शहर से निकलने वाले कचरे का हर रोज ही छटनी करने का था जो सार्थक होता दिखाई दे रहा है। नगर परिषद की तरफ से एमआरएफ सेंटर पर कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है जो शहर से एकत्रित किए गए कचरे को सेग्रीगेशन करने का कार्य कर रही हैंं। जो कचरा खाद बनने लायक होता है उसकी खाद बनाने के लिए कंपोस्ट पीट में डाला जा रहा है तथा अन्य कचरे को अलग स्थान पर एकत्रित किया जा रहा है।

शहर के हर रोज निकलता है करीब 70 टन कचरा

शहर को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए नगर परिषद के सफाई कर्मचारी हर दिन शहर से करीब 70 टन कचरा निकालते हैं। शहर वासियों को दुर्गंध से बचाने के लिए इस कचरे को भिवानी दादरी रोड पर बना गए डंपिंग प्वाइंट पर डाला जाता है। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी सुबह से लेकर शाम तक अलग अलग शिफ्टों में काम करते हैं तथा शहर को साफ सुथरा बनाए रखने का हर संभव प्रयास करते हैं। वहीं अब शहर से रोजाना निकलने वाले कचरे का ढेर ना लगे इसके लिए डंपिंग प्वाइंट पर ही बनाए गए एमआरएफ सेंटर पर रोजाना निकलने वाले कचरे का सेग्रीगेशन किया जा रहा है।

56 कंपोस्ट पीट में तैयार हो रही है खाद

नगर परिषद की तरफ से एमआरएफ सेंटर पर 56 कंपोस्ट पीट बनाए गए हैं तथा इन कंपोस्ट पीट में कर्मचारी आए दिन रसाई से निकलने वाले गीले कचरे का डालते हैं। कंपोस्ट पीट में खाद डालने का कार्य लगभग तीन माह पूर्व शुरू किया गया था जो कंपोस्ट पीट बिल्कुल अच्छी तरह से भर गए थे उन्हें ढक दिया गया था तथा अब उनका तीन माह का समय पूरा होने पर जब जांचा गया तो कचरा खाद का रूप ले चुका था जिसे अब नगर परिषद के अधिकारी लैब में जांच के लिए भेजेंगे।

अगले सप्ताह लैब में भेजी जाएगी खाद

इस बारे में सफाई निरीक्षक विकास देशवाल ने बताया कि कंपोस्ट पीट में खाद बननी शुरू हो गई है। जो खाद बनकर तैयार हुई है उसे अब अगले सप्ताह लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि खाद की गुणवता कितनी है तथा कितने लंबे समय तक इसका प्रयोग किया जा सकता है तथा अगर खाद बनाने की प्रक्रिया में कोई कमी रह गई हो तो उसे भी पूरा किया जाएगा।

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