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मिठाई खरीदने से पहले सावधान ! दही के सभी सैंपल फेल, पनीर की हालत खराब, दूध और घी भी मानकों पर सही नहीं

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शासन के निर्देश पर सितंबर महीने में शुद्ध का युद्ध अभियान चलाया था। इसके तहत दूध और उससे बने पदार्थों की गुणवत्ता का आंकलन करता था। जांच में ज्यादातर सैंपल फेल हो गए हैं।

मिठाई खरीदने से पहले सावधान ! दही के सभी सैंपल फेल, पनीर की हालत खराब, दूध और घी भी मानकों पर सही नहीं
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मिठाई खरीदने से पहले सावधान ! 

हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

त्यौहारों के इस सीजन में मिठाई की मिठास फिकी ना पड़े, इसके लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग लगातार छापेमारी कर रहा है। शुक्रवार को जहां पनीर के सैंपलों की रिपोर्ट आई साथ में दही, दूघ और घी के सैंपलों की रिपोर्ट आई है। दही के सभी सैंपल फेल हो गए हैं। वहीं दूध और घी की स्थिति भी खराब ही है। गुणवत्ता खराब होने के कारण अब विभागीय अधिकारियों ने संबंधित प्रतिष्ठानों पर केस दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है। बता दें कि शुक्रवार को पनीर के 11 सैंपल की रिपोर्ट आई है, इसमें से 7 सैंपल फेल पाए गए हैं। हालांकि 7 में से एक सैंपल मिस्ब्रांड पाया गया है, जोकि फेल होने की श्रेणी में ही है। इसके अलावा दही के पांच सैंपल जांच को भेजे गए थे, ये सभी सैंपल जांच में फेल हैं। विभागीय अधिकारियों ने अब संबंधित प्रतिष्ठानों पर अभियोग दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने शासन के निर्देश पर सितंबर महीने में शुद्ध का युद्ध अभियान चलाया था। इसके तहत दूध और उससे बने पदार्थों की गुणवत्ता का आंकलन करता था। जांच में ज्यादातर सैंपल फेल हो गए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति पनीर और दही की है। दही का एक भी सैंपल जांच में पास नहीं हो सका है। वहीं पनीर के ज्यादातर सैंपल फेल आए हैं। दूध और घी के सभी सैंपल की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। इस अभियान में मावा और मिठाई के सैंपल नहीं लिए गए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर अफसरों ने त्यौहारी सीजन का प्लान तैयार कर लिया है।

नाम कुल सैंपल फेल

दूध पांच तीन

पनीर 11 सात

दही पांच पांच

घी आठ दो

200 सैंपल लेना है लक्ष्य

त्यौहारों के सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने सैंपलिंग अभियान को गति दे दी है। इसी के तहत इस वर्ष विभाग कुल 200 से अधिक सैंपल लेने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। पिछले वर्ष के मुकाबले ये सैंपल दो गुणा होंगे। पिछले वर्ष तकरीबन 100 सैंपल लिए गए थे। विभागीय कार्रवाई से हलवाइयों की बेचैनी बढ़ी हुई है। इतना ही नहीं इस बार विभाग सैंपल फेल आने की स्थिति में दुकानदारों के खिलाफ केस दर्ज करवाने की भी तैयारी में हैं। अगर ऐसा होता है तो दुकानदारों की मुसीबत बढ़ सकती है।

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