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फतेहाबाद : बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला, एसडीओ व लाइनमैन घायल

कर्मचारियों पर हुए हमले की कर्मचारी यूनियन ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आरोपियों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। 24 घंटे में आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फतेहाबाद : बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला, एसडीओ व लाइनमैन घायल
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टोहाना के गांव फतेहपुरी में हमले में घायल एसडीओ को अस्पताल में भर्ती करवाते कर्मचारी।

फतेहाबाद : जिले के टोहाना विधानसभा क्षेत्र के गांव फतेहपुरी में बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला करने का समाचार है। ग्रामीणों ने बिजली निगम की टीम द्वारा टीम पर लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में विभाग के एसडीओ सहित अनेक कर्मचारियों को चोट आई हैं। इन्हें उपचार के लिए टोहाना के नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मामले की सूचना पुलिस को भी दे दी गई है। कर्मचारियों पर हुए हमले की कर्मचारी यूनियन ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए आरोपियों पर शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है। 24 घंटे में आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

अस्पताल में उपचाराधीश एसडीओ देशराज ने बताया कि गांव फतेहपुर में लगातार बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थी। उसी आधार पर शनिवार सुबह उनकी टीम बिजली चोरी पकड़ने के लिए गांव फतेहपुरी गई थी। इस दौरान बिजली कर्मचारी जब एक घर में नाजायज रूप से कुंडी लगाकर बिजली चोरी की मोबाइल में वीडियो बनाने लगे तो परिवार के लोगों ने बिजली कर्मचारियों पर लाठी डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बिजली कर्मचारियों ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। हमले में एसडीओ देशराज के अलावा लाइनमैन सुरेश चन्द्र को गंभीर चोट आई हैं। हमलावरों ने जिस मोबाइल में बिजली चोरी की रिकार्डिंग की जा रही थी, उसे भी तोड़ दिया। बाद में कर्मचारियों ने इस बारे पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव में पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया। इस बारे पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई गई है। कर्मचारियों पर हुए हमले की सूचना मिलते ही कर्मचारी यूनियन के सदस्य अस्पताल में पहुंच गए। कर्मचारी यूनियन ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। कर्मचारी नेता नरेश कुमार अगर इस मामले में 24 घंटे में पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो कर्मचारी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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