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शूटर विश्वजीत मामला : हाईकोर्ट की सिंगल बेंच की टिप्पणी से अशोक खेमका दुखी, डिविजन बेंच से की यह अपील

अपनी अपील में खेमका ने कहा कि सिंगल बेंच की तल्ख टिप्पणी पूरी तरह से निराधार व प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है। खेमका द्वारा दायर अपील पर गुरुवार को सुनवाई हाेगी।

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वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका (फाइल)

शूटर विश्वजीत सिंह से जुड़े एक मामले में पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा की गई तल्ख टिप्पणी से दुखी वरिष्ठ आइएएस अशोक खेमका ने टिप्पणी को वापस लेने के लिए हाईकोर्ट की डिविजन बेंच के सामने अपील दायर की है।

अपनी अपील में खेमका ने कहा कि सिंगल बेंच की तल्ख टिप्पणी पूरी तरह से निराधार व प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करती है। खेमका द्वारा दायर अपील पर गुरुवार को सुनवाई हाेगी। 29 जनवरी, 2021 के अपने आदेश में हाईकोर्ट के जस्टिस राजबीर सिंह सेहरावत ने विश्वजीत मामले में खेमका के खिलाफ कुछ अपमानजनक टिप्पणी की थी, विश्वजीत सिंह मामले में खेमका को बिना प्रतिवादी बनाए व उनका पक्ष जाने बगैर उन के प्रति नकारात्मक व अपमानजनक टिप्पणी की थी। जस्टिस सेहरावत ने शूटर विश्वजीत सिंह को खेल कोटा के तहत राज्य सिविल सेवा में नियुक्त का आदेश दिया था। विश्वजीत ने एचसीएस अधिकारी के रूप में शामिल करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी क्यों की खेमका ने विश्वजीत को जारी किए गए खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर सवाल उठाया था।

इस याचिका पर सुनवाई के दौरान सिंगल बेंच ने खेमका के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा था कि खेमका द्वारा खेल ग्रेडेशन सर्टिफिकेट पर उठाए गए सवाल खेल गतिविधि के बारे में उनकी अज्ञानता दिखाता है। इन सभी शिकायतों का कारण शिकायतकर्ता और याचिकाकर्ता के पिता के बीच कैडर प्रतिद्वंद्विता है। सिंगल बेंच ने यह भी कहा था अशोक खेमका ने इस तरह रणनीति का इस्तेमाल विभाग के कनिष्ठ अधिकारी को घेरे में लाने के लिए किया होगा। खेमका ने अपनी दलील में कहा है कि इस तरह की और अन्य साहित्यक टिप्पणी भी उसके खिलाफ की गई है जो कानूनन सही नहीं है, इस लिए उन सभी टिप्पणी को वापिस लिया जाना चाहिए।

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