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आरोप : कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद आशा वर्कर की मौत, परिजनों का अस्पताल में हंगामा

वैक्सीन लगने के बाद बिगडती चली गई थी महिला की हालत, रोहतक पीजीआई की टीम ने जांच शुरू की। मौत के सही कारण जानने के लिए शव का पोस्टमार्टम करवाएगा स्वास्थ्य विभाग।

आरोप : कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद आशा वर्कर की मौत, परिजनों का अस्पताल में हंगामा
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आशा वर्कर कविता की कोरोना वैक्सिनेशन के बाद मौत पर विलाप करते परिजन।

पानीपत। आरोप है कोरोना वैक्सीन लगने के सात दिन बाद आशा वर्कर कविता पत्नी सुरेश निवासी गांव अटावला जिला पानीपत की पानीपत के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। कविता के परिजनों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और महिला की मौत का जिम्मेदार कोरोना वैक्सीन को करार दिया। वैक्सीन लगने के बाद से ही आशा वर्कर बुखार दस्त और लॉ बीपी की समस्या से जूझ रही थी। तीन दिन पहले हालत बिगड़ने पर आशा वर्कर को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था।

इसकी सूचना सिविल सर्जन को भी दी थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय में इसकी जानकारी दी। वहीं वीरवार को रोहतक पीजीआई से इसकी जांच करने तीन सदस्यीय टीम भी आई थी। आशा वर्कर की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों पर जबरदस्ती वैक्सीन लगाने के भी आरोप लगाए गए हैं। सूचना मिलने पर थाना सिटी पुलिस अस्पताल पहुंची और हालात को काबू किया। पुलिस ने कविता के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के सिविल अस्पताल भिजवा दिया। कविता की मौत के सही कारण जानने को स्वास्थ्य विभाग उसके शव का पोस्टमार्टम करवाएगा।

टीका लगवाने से इंकार किया था

पुलिस की जांच के अनुसार कविता 12 साल पहले आशा वर्कर नियुक्त हुई थी और कविता व सुरेश के साक्षी बेटी व सचिन बेटा है। कविता के पति सुरेश गांव सिवाह में सरकारी स्कूल में माली के पद पर कार्यरत है। सुरेश ने बताया कि उसकी पत्नी कविता को 2 फरवरी को ही वैक्सीनेशन कराने का मैसेज आया था। कविता ने कोरोना रोधी टीका लगवाने से इंकार कर दिया था। इसके बावजूद उसको जबरदस्ती इंजेक्शन के लिए 4 जनवरी को अहर गांव की सीएचसी में बुलाया गया था। उसको दोपहर को वैक्सीन लगाई गई। टीकाकरण होने के साथ ही कविता को बुखार हो गया था। कविता को बुखार होने की जानकारी सुरेश ने पांच फरवरी की सुबह स्वास्थ्य विभाग को दी। वहीं स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना रोधी टीकाकरण होने पर बुखार होना आम बात है। उन्होंने बताया कि कविता का बुखार नहीं टूटा और उसे दस्त होने लगे।

आठ फरवरी को अस्पताल में भर्ती करवाया

आठ फरवरी को हालत अधिक खराब होने पर कविता को पानीपत के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद कविता बेहोशी की हालत में चली गई। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ संतलाल वर्मा को इसकी सूचना दे दी थी। वीरवार को रोहतक पीजीआई से इस मामले की जांच करने एक टीम आई। टीम ने कविता के परिजनों से बातचीत की और उसकी हिस्ट्री भी जानी। टीम ने डॉक्टरों द्वारा दिए जा रहे ईलाज के बारे में भी पूछताछ की। ईलाज स्थिति के अनुसार सही पाया गया। शुक्रवार दोपहर को 1 बजे कविता ने निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। कविता की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि कविता की मौत का जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग है। डॉक्टरों ने जबदस्ती इंजेक्शन लगाया था।

सीएमओ बोले किडनी में पत्थरी थी

दूसरी ओर, सीएमओ डॉ संत लाल वर्मा ने बताया कि कविता की किडनी में पत्थरी थी, दो दिन पहले कविता की कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था, सैंपल की रिपोर्ट नगेटिव आई थी, वहीं कविता की हालत की जानकारी उसके पति से स्वास्थ्य विभाग लेता रहा था और पीडि़त परिवार का हर संभव सहयोग किया गया। कविता की मौत की जांच पीजीआई रोहतक की टीम कर रही है, वहीं अभी तक कोरोना रोधी टीकाकरण के बाद साइड इफेक्ट का कोई केस सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि कविता की मौत के सही कारण जानने के लिए उसके शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

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