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नरेन्द्र सिंह तोमर का लेख : भारत के भाल पर दीप्ति तिलक

विगत साढ़े सात वर्ष में अपने कृतित्व, असंभव को संभव बनाकर यथार्थ के धरातल पर उतारने की अद्भुत क्षमता, दूरदृष्टि के साथ राष्ट्र की उन्नति के लिए उठाए गए कदम, हर पल जनकल्याण की चिंता और राष्ट्र को आत्मिनिर्भर बनाने का दृढ़ संकल्प ही है जो उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लोकप्रिय बनाता है। एक वैश्विक नेता रूप में स्थापित मोदी हर उस भारतीय के ह्दय में रहते हैं, जिसके लिए सबसे पहले राष्ट्र है। नव भारत की नींव रखने वाले नरेंद्र मोदी करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का दीप हैं। मोदी सबका साथ-सबका विकास की उस भावना से कार्य करते हैं, जिसमें हर वर्ग, हर जाति और हर क्षेत्र के कल्याण का प्रबल भाव है।

नरेन्द्र सिंह तोमर का लेख :  भारत के भाल पर दीप्ति तिलक
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  केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर। 

नरेन्द्र सिंह तोमर

हाल ही में 'द मॉर्निंग कंसल्ट' नाम की विश्वस्तनरीय संस्था की सर्वे रिपोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दुनिया का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बताया है। इस संस्था के अनुसार मोदी की लोकप्रियता का यह जादू जनवरी 2020 से बरकरार है। मोदी की वैश्विक लोकप्रियता का यह पहला प्रमाण नहीं है, यह श्रृंखला लंबी है। संयुक्त राष्ट्र संघ, ब्रिक्स, सार्क और जी-20 जैसे संगठनों में भारत की बढ़ती पैठ हो या सऊदी अरब, रूस, फिलीस्तीन, मालदीव जैसे कई राष्ट्रों से मोदी को मिले सर्वोच्च सम्मान, स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहला अवसर है जब हमारे नेतृत्व को इतने व्यापक स्तर पर वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। मौजूदा दौर में मोदी भारत के भाल पर वह दीप्ति तिलक हैं, जिससे राष्ट्र का जन-जन स्वयं को गौरवान्वित अनुभव कर रहा है।

विगत साढ़े सात वर्ष में अपने कृतित्व, असंभव को संभव बनाकर यथार्थ के धरातल पर उतारने की अद्भुत क्षमता, दूरदृष्टि के साथ राष्ट्र की उन्नति के लिए उठाए गए कदम, हर पल जनकल्याण की चिंता और राष्ट्र को आत्मिनिर्भर बनाने का दृढ़ संकल्प ही है जो उन्हें लोकप्रिय बनाता है। एक वैश्विक नेता रूप में स्थापित मोदी हर उस भारतीय के ह्दय में रहते हैं, जिसके लिए सबसे पहले राष्ट्र है। नव भारत की नींव रखने वाले नरेंद्र मोदी करोड़ों भारतीयों की उम्मीदों का दीप हैं। मोदी सबका साथ-सबका विकास की उस भावना से कार्य करते हैं, जिसमें हर वर्ग, हर जाति और हर क्षेत्र के कल्याण का प्रबल भाव है। वे एक भारत श्रेष्ठ भारत के उस मंत्र को सार्थक करने के लिए संकल्पित हैं जिसका स्वप्न हमारे देश के स्वातंत्र्य वीरों ने देखा था। मोदी उस डिजिटल इंडिया के संस्थापक हैं जो आज के तकनीकी युग में दुनिया का सिरमौर बन रहा है और सबसे महत्व पूर्ण यह कि उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से भविष्य के भारत की एक ऐसी नींव रखी है, जिस पर कल भव्य इमारत खड़ी होना तय है।

सात दशक में पहली बार यह महसूस हुआ कि सरकार का पहला लक्ष्य उस घर में खुशहाली लाना है जो विलासितापूर्ण अट्टालिकाओं से बहुत दूर गांव में, गरीब बस्तियों में बना हुआ है। हर परिवार का अपना पक्का मकान, घरों में धुएं से मुक्ति दिलाता एलपीजी चूल्हा, स्वच्छ‍ता के प्रतीक घर-घर में बने शौचालय, हर पात्र हितग्राही का जनधन बैंक खाता, गांवों को जोड़ती पक्की सड़कें और हर हाथ को कौशल की ताकत जैसे कई काम हैं जो यह साबित करते हैं कि मोदी के नेतृत्व में काम कर रही सरकार का पहला लक्ष्य वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाकर सशक्त बनाना है। मोदी संवेदनाओं से भरे हुए हैं। कोविड-19 की आपदा में हम सभी ने देखा है कि उनकी पहली प्राथमिकता समाज के उस वर्ग को राहत पहुंचाना थी जिसका रोजगार लॉकडाउन के कारण प्रभावित हुआ था या जो सुविधाओं से वंचित था। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्याम से देश के 80 करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन उपलब्धि कराना हो या वृद्ध, विधवा एवं दिव्यांगजनों के खाते में मुश्किल समय पर अग्रिम पेंशन पहुंचाना। महिला जनधन खाताधारकों को राहत राशि प्रदान करना हो या फिर बेरोजगार होकर घर लौटे प्रवासी श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराना हो, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में एक संवेदनशील सरकार ने अपना दायित्व निभाया है।

यह क्रम दूसरी लहर में राष्‍ट्र में एक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ स्वास्थ्य अधोसंरचना खड़ी करने के रूप में नजर आया है। हर जिले में ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और 15वे वित्त आयोग के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण अंचलों में स्था‍नीय निकायों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं का मजबूत ढांचा बनाने के लिए के लिए 70, 051 करोड़ रुपये की राशि प्रावधान भी गंभीर फैसला है। विश्व के सबसे बड़े एवं तेज टीकाकरण अभियान के माध्यम से भी कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत को एक सुरक्षा कवच मिला है। अब तक लगभग 72 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। देश में निर्मित दो-दो वैक्सीन के साथ चल रहा अभियान हम सभी में आत्मनिर्भरता के साथ ही गर्व का भाव भी उत्पन्न कराता है। मोदी देश की उन व्यवस्थाओं में सुधार के प्रबल पक्षधर हैं जो वर्षों से हमारी उन्नति में अवरोध बनी हुई हैं। वे अक्सर कहते हैं, हम सरकार में सत्‍ता का सुख भोगने के लिए नहीं हैं, बल्कि हमारा उद्देश्य जन कल्याण और राष्ट्र के उत्था‍न के लिए ऐसे कदम उठाना है जो अब तक असंभव प्रतीत होते रहे हों। जम्मू -कश्मीर से धारा 370 की मुक्ति श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस बलिदान को श्रद्धांजलि है जो उन्होंने घाटी में वास्तविक स्वतंत्रता को साकार करने के लिए दिया था। अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर निर्माण करोड़ों लोगों की आस्था का प्रकटीकरण है। कृषि सुधारों के लिए उठाए गए कदम देश के करोड़ों किसानों के जीवन में एक नया अध्याय लिखने वाले हैं। नागरिकता संशोधन अधिनियम ने लाखों शरणार्थियों को भारतीय नागरिक का मान दिलाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के रूप में युवाओं की आकांक्षाओं और उम्मीदों को साकार करने का एक माध्यम स्थापित हुआ है। सूक्ष्मता से देखा जाए तो मोदी के इन सभी निर्णयों में वह साहस है जो पहले कोई प्रधानमंत्री नहीं ले पाया था। इन निर्णयों के दूरगामी परिणाम नए भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

गांव, गरीब और किसान तो मोदी के ह्दय के सबसे करीब हैं। वे अक्सर कहते हैं जब गांव सशक्त होंगे तभी राष्ट्र सशक्त होगा और जब किसान समृद्ध होगा तभी राष्ट्र में भी समृद्धि आएगी। मोदी के नेतृत्व में पिछले 7 वर्षों में किसानों के कल्याण के लिए काफी कुछ किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की अब तक 9 किश्तें जारी की गई हैं जिसमें किसानों के बैंक खातों में लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। कोविड काल में दो करोड़ से अधिक किसानों को क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं। दो लाख 44 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कृषि ऋण दिया गया और कृषि ऋण पर ब्याज दर में छूट का प्रावधान किया गया। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत कृषि क्षेत्र में बुनियादी ढांचा के विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

मोदी के नेतृत्व में एक ऐसे भारत का उदय हो रहा है जिसके संकल्पों में शिखर तक पहुंचने की दृढ़ता है, विश्व स्तर पर अपनी छाप छोड़ने की क्षमता है और चुनौतियों को अवसरों में बदल देने की शक्ति है। आज हमारे युवा को विश्वास है कि अवसरों की समानता, व्यवस्था की पारदर्शिता और उड़ान के लिए उन्मुक्त आकाश की उपलब्धता उसे अपने हर स्वप्न को साकार करने के लिए पर्याप्त है। यह बदलाव मोदी के उस दूरदर्शी एवं करिश्माई नेतृत्व का परिणाम है जो स्वतंत्रता के सात दशक बाद हमें प्राप्त हुआ है। मोदी के प्रेरणास्पद नेतृत्व से स्फूर्त राष्ट्र के करोड़ों पग अब भारत की वैभव यात्रा की ओर चल पड़े हैं।

(लेखक केंद्रीय कृषि मंत्री हैं ये उनके अपने विचार हैं।)

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