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सोनीपत की अंशु ने नेट जेआरएफ में देशभर में पाया आठवां स्थान

अंशु ने बताया कि उनके पिता होटल में असिस्टेंट मैनेजर हैं और मां गृहणी हैं। माता-पिता ने कभी भी बेटे से कम प्यार नहीं दिया और ना ही कभी महसूस होने दिया कि मैं लड़की हूं। हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। माता-पिता के स्पोर्ट और मार्गदर्शन के चलते ही सीएसआईआर द्वारा दिसंबर 2020 में नेट परीक्षा में भाग लिया। जिसमें कैमिस्ट्री में जेआरएफ श्रेणी में देश में आठवां स्थान प्राप्त किया।

सोनीपत की अंशु ने नेट जेआरएफ में देशभर में पाया आठवां स्थान
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नेट जेआरएफ में देशभर में आठवां स्थान प्राप्त करने वाली अंशु परिवार के साथ।

हरिभूमि न्यूज : सोनीपत

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक परिषद (सीएसआईआर) ने नेट का परिणाम घोषित कर दिया है। जिसमें सोनीपत के गांव कथूरा के रहने वाले अशोक कुमार नरवाल की बेटी अंशु ने कैमिस्ट्री में जेआरएफ श्रेणी में देश भर में आठवां स्थान प्राप्त किया है। जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। आस-पड़ोस के लोगों व रिश्तेदारों द्वारा बधाइयां दी जा रही हैं। देशभर में आठवां स्थान प्राप्त माता-पिता का नाम रोशन करने और जिले का मान बढ़ाने वाली छात्रा अंशु का कहना है कि इस उपलब्धि पर वह बेहद खुश है। वह वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहती है।

मूलरूप से गांव कथूरा निवासी अशोक कुमार नरवाल जीटी रोड मुरथल स्थित होटल कुबेर में बतौर असिस्टेंट मैनेजर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार वर्तमान में सोनीपत में रहता है। बेटी अंशु ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस कालेज से बीएससी ऑनर्स की और इसके बाद आईआईटी दिल्ली से कैमिस्ट्री में एमएससी की। शुरू से ही होनहार रही अंशु ने हर परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर माता-पिता को गौरवांन्वित किया है। यहीं नहीं लाडली के नेट जेआरएफ में देशभर में आठवां स्थान प्राप्त करने के मेरा पूरा परिवार फूला नहीं समां रहा। अंशु की छोटी बहन भी दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी ऑनर्स कर रही हैं।

अंशु ने बताया कि उनके पिता होटल में असिस्टेंट मैनेजर हैं और मां गृहणी हैं। माता-पिता ने कभी भी बेटे से कम प्यार नहीं दिया और ना ही कभी महसूस होने दिया कि मैं लड़की हूं। हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। माता-पिता के स्पोर्ट और मार्गदर्शन के चलते ही सीएसआईआर द्वारा दिसंबर 2020 में नेट परीक्षा में भाग लिया। जिसमें कैमिस्ट्री में जेआरएफ श्रेणी में देश में आठवां स्थान प्राप्त किया। इसके लिए प्रतिदिन घंटों कड़ी मेहनत की और आज परिणाम सबके सामने हैं।

अंशु के पिता अशोक कुमार ने बताया कि हमारे देश में आज भी बेटा-बेटी में फर्क समझा जाता है, जो गलत है। आज के समय में बेटियां किसी से कम नहीं है, इसलिए बेटियोें का पूरा सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां मेरा अभिमान हैं और मुझे अपनी बेटियों पर गर्व है।

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