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आंदोलन में पंजाब के एक और युवा किसान की मौत

पंजाब के संगरूर जिले का रहने वाला संदीप पिछले काफी समय से इस आंदोलन में आया हुआ था। वह फिलहाल बाईपास पर नया बस अड्डा के नजदीक ठहरा हुआ था। रात को खाना खाकर सो गया लेकिन सुबह नहीं उठा।

हीरा पाॅवर विकास सेरालाइज कंपनी में फिटरमैन और सिक्योरिटी गार्ड की मौत
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 मौत (प्रतीकात्मक फोटो)

हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़

कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार तेज हो रहे किसान आंदोलन में मौतों का सिलसिला भी नहीं थम रहा। मंगलवार की सुबह एक और युवा आंदोलनकारी मृत अवस्था में मिला। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है। शव फिलहाल नागरिक अस्पताल में है। परिजनों के आने के बाद ही पोस्टमार्टम होगा।

मृतक की पहचान करीब 28 वर्षीय संदीप के रूप में हुई है। पंजाब के संगरूर जिले का रहने वाला संदीप पिछले काफी समय से इस आंदोलन में आया हुआ था। वह फिलहाल बाईपास पर नया बस अड्डा के नजदीक ठहरा हुआ था। रात को खाना खाकर सो गया लेकिन सुबह नहीं उठा। साथियों ने देखा तो उसकी सांस थम चुकी थी। इसके बाद उसे नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल में गई और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मौत का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है। गौरतलब है कि गत 27 नवंबर को आंदोलनकारी किसानाें ने यहां पड़ाव डाला था। उसके बाद 28 नवंबर को एक आंदोलनकारी की मौत हुई थी। तब से यह सिलसिला थमा नहीं है। बीमारी या अन्य कारणों से अब तक लगभग 30 आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी है। इनमें युवा भी काफी रहे। लगातार हो रही मौतों से किसानों में रोष है।

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