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आंदोलन में शामिल एक और किसान की मौत

मृतक की पहचान करीब 48 वर्षीय हरविंदर के रूप में हुई है। हरविंदर पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले थे। पिछले कई दिनों से आंदोलन में शामिल थे। वह यहां नयागांव चौक के नजदीक ठहरे हुए थे। बताते हैं कि शुक्रवार की शाम को वे बिलकुल ठीक थे।

आंदोलन में शामिल एक और किसान की मौत
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हरिभूमि न्यूज. बहादुरगढ़। कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में एक और किसान की मौत हो गई। मौत का कारण हृदयाघात बताया जा रहा है। शव नागरिक अस्पताल में रखवाया गया है। परिजनों के बयान के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हो पाएगी।

मृतक की पहचान करीब 48 वर्षीय हरविंदर के रूप में हुई है। हरविंदर पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले थे। पिछले कई दिनों से आंदोलन में शामिल थे। वह यहां नयागांव चौक के नजदीक ठहरे हुए थे। बताते हैं कि शुक्रवार की शाम को वे बिलकुल ठीक थे।

रात को खाना खाकर सो गए लेकिन सुबह नहीं उठे। अन्य किसानों ने उन्हें जगाने का प्रयास किया, उनकी सांसें नहीं चल रही थी। इसके बाद तुरंत किसान उन्हंे अस्पताल लेकर गए।

जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही संबंधित थाने से पुलिस अस्पताल में गई और मामले में तफ्तीश शुरू की। परिजनों के बयान के बाद पुलिस पोस्टमार्टम कराएगी। आंदोलन के चलते अब तक टीकरी बार्डर पड़ाव में शामिल रहे लगभग दो दर्जन किसानों की जान जा चुकी है।

अधिकांश की जान तबीयत बिगड़ने से गई है। लगातार हो रही मौतों से किसानों में सरकार के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों ने आंदोलन मंे शहादत देने वाले किसानों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग उठाई है।


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