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रोहतक में बढ़ गई एक और अदालत, फरियादियों को जल्द मिल सकेगा न्याय

बतौर एडीएसजे राकेश सिंह ने कार्यभार सम्भाल लिया है। सेशन जज समेत अन्य दो एडीएसजे अदालत से करीगबन 840 मामले कोर्ट में सुनवाई के लिए भेजे गए हैं। जिनमें हत्या, जानलेवा हमला, आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे महत्चपूर्ण मामले हैं। इनमें जल्द ही सुनवाई शुरू हो जाएगी।

रोहतक में बढ़ गई एक और अदालत, फरियादियों को जल्द मिल सकेगा न्याय
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 एडीएसजे राकेश सिंह 

विजय अहलावत : रोहतक

जिला के फरियादियों को कम से कम समय में न्याय दिलाने के लिए अदालत परिसर में एक और अदालत की संख्या बढ़ाई गई है। जिसमें बतौर एडीएसजे राकेश सिंह ने कार्यभार सम्भाल लिया है। सेशन जज समेत अन्य दो एडीएसजे अदालत से करीगबन 840 मामले कोर्ट में सुनवाई के लिए भेजे गए हैं। जिनमें हत्या, जानलेवा हमला, आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे महत्चपूर्ण मामले हैं। इनमें जल्द ही सुनवाई शुरू हो जाएगी। अदालत का मकसद लोगों को कम से कम समय में न्याय दिलाना है। हालांकि इस दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा जारी कोविड नियमों की पूरी तरह से पालना की जाएगी।

नई अदालत में हत्या के कई चर्चित मामलों में सुनवाई होगी। सतलोक आश्रम करौंथा के बाहर आर्य समाजियों और रामपाल समर्थकों के बीच 2006 मेंं हुए संघर्ष में एक युवक की हत्या हो गई थी। इसके अलावा सैकड़ों लोग घायल हुए थे, जिसमें आश्रम संचालक रामपाल समेत तीन दर्जन से अधिक आरोपित हैं। कलानौर की अनाज मंडी में 2011 में दो गुटों में संघर्ष हो गया था, जिसमें बसाना निवासी सरपंच सीताराम के साले विष्णु की हत्या हो गई थी। मामले में महम से इनेलो के पूर्व विधायक बलबीर सिंह बाली समेत 17 लोगों को आरोपित बनाया गया था। मामले में पूर्व विधायक समेत अन्य आरोपित जमानत पर बाहर है। इसके अलावा माॅडल टाउन में कई साल पूर्व प्रदेश के व्यापारी एवं कांग्रेसी नेता अशोक काका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जमीन मामले को लेकर हुई वारदात में सुनील टिटौली समेत कई आरोपित जेल में बंद हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण मामले इस अदालत में स्थानांतरित किए गए हैं।

ये मामले स्थानांतरित किए गए

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सेशन जज एएस नारंग की अदालत से एमएसीटी के करीबन 140 मामले, हत्या के 6 और 31 अन्य मामले स्थानांतरित किए गए हैं। एडीएसजे मेनपाल रामावत की अदालत से नशा अधिनियम के करीबन सौ मामले नई अदालत में भेजे गए हैं। इसके अलावा करीबन 120 मामले सामान्य अपराध से सम्बंधित हैं। बिजली चोरी से सम्बंधित 10 मामले और आपराधिक मामलों से सम्बंधित 40 मामले सुनवाई के लिए भेजे गए हैं। साथ ही आपराधिक रिविजन के 28 और सिविल रिविजन के करीबन 70 मामले अदालत में स्थानांतरित किए गए हैं। एमएसीटी के करीबन 80 मामले और सिविल के 180 मामले स्थानांतरित किए गए हैं। एडीएसजे राजकुमार यादव की अदालत से हत्या से सम्बंधित 85 मामले राकेश सिंह की अदालत में स्थानांतरित किए गए हैं। इसके अलावा आपराधिक अपील और रिविजन के करीबन 50 मामले स्थानांतरित किए गए हैं। पाॅक्सो और दुष्कर्म से सम्बंधित मामले स्पेशल कोर्ट में ही सुने जाएंगे। नई फाइले मिलने के बाद अदालत में सुनवाई शुरू हो गई है।

जिला अदालत में एक और अदालत शुरू हुई है। जिसमें अन्य अदालतों से लम्बित मामले सुनवाई के लिए भेजे गए हैं। एक और अदालत बढ़ने से फरियादियों को इसका लाभ मिलेगा। पीड़ितों को पहले से कम समय में न्याय मिल सकेगा। -एडवोकेट प्रमोद दलाल, प्रधान जिला बार एसोसिएशन

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