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इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई का ऐलान, हम भी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों के साथ करेंगे परेड

ट्रैक्टर यात्रा में सैकड़ों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर के साथ भाग लिया। ट्रैक्टर यात्रा का नेतृत्व स्वयं अर्जुन चौटाला ने किया और प्रथम पंक्ति में ट्रैक्टर चला कर उपस्थित किसानों का मनोबल बढ़ाया।

इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई का ऐलान, हम भी गणतंत्र दिवस के दिन किसानों के साथ करेंगे परेड
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यमुनानगर। इंडियन नेशनल लोकदल की छात्र इकाई आईएसओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जुन चौटाला के नेतृत्व में शुक्रवार को कालका से शुरू हुई ट्रैक्टर यात्रा शनिवार को यमुनानगर के कैल बाईपास से दिल्ली सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हुई।

ट्रैक्टर यात्रा में सैकड़ों की संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर के साथ भाग लिया। ट्रैक्टर यात्रा का नेतृत्व स्वयं अर्जुन चौटाला ने किया और प्रथम पंक्ति में ट्रैक्टर चला कर उपस्थित किसानों का मनोबल बढ़ाया।

यमुनानगर से यात्रा प्रारंभ होने पर वहां उपस्थित पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा, प्रकाश भारती, नरेश सारण, जाहिद खान, प्रवीण कैल, अर्जुन सुढैल, सुरेश कांधडी़, गुरजिंदर खेड़ी, रवि सुढल, बलजीत शर्मा, सर्वप्रिय जठलाना, खिलाराम नरवाल, मामचंद लाठर, तरनजीत सिंह संधू,महिपाल सिंह खजूरी, इमरान शादीपुर, जद्दू शादीपुर, मकसूद लापरा, अब्बास मंडी के साथ भारी सं या में इनैलो किसान नेता एवं पदाधिकारीयों ने स्वागत किया।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए अर्जुन चौटाला ने कहा कि इनेलो हमेशा ही किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चली है। किसानों की कोई भी समस्या हो सर्वप्रथम इनेलो ही किसानों के साथ आकर खड़ी हुई है। अब भी इनेलो का हर कार्यकर्ता किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर तीन काले कानूनों को वापस करवा कर ही दम लेगा।

उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर यात्रा शनिवार रात्रि विश्राम घरौंडा में करेगी। रविवार को ट्रैक्टर यात्रा सिंधु बॉर्डर पहुंचेगी और 26 जनवरी को किसानों के साथ मिलकर दिल्ली में प्रवेश करेंगे और किसानों के साथ परेड में भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अपनी हठ छोड़ कर किसानों की बात मान लेनी चाहिए और तीनों काले कानूनों को तुरंत वापस ले लेना चाहिए। केंद्र सरकार अगर यह सोच रही है कि आंदोलन लंबा खींचने की वजह से धीरे-धीरे आंदोलन समाप्त हो जाएगा तो यह सरकार का वहम है। एमएसपी की गारंटी और तीनों कृषि बिलों के वापस होने तक स्थान आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

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