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अन्ना गैंग : अब निशाने पर थे मंडी व्यापारी, रिमांड के दौरान खुलासा

भाजपा नेता (BJP Leader) के बेटे को गोली मारने के बाद पुलिस (Police) गिरफ्त में आए अन्ना गैंग (Anna Gang) के सभी सदस्यों को पुलिस ने दबोच (Caught) लिया। पांच दिन के रिमांड के दौरान प्रदीप अन्ना ने काफी राज उगले। डायरी में कई राज लिखे मिले।

अन्ना गैंग : अब निशाने पर थे मंडी व्यापारी, रिमांड के दौरान खुलासा
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नारनौल। जानकारी देते एसपी चंद्रमोहन और सीआईए पुलिस की गिरफ्तर में प्रदीप अन्ना व उसका सहयोगी लोकेश।

नारनौल। शहर में दो जगह गोली चलाकर 50 लाख की फिरौती मांगने वाली (Ransom Seeker) अन्ना गैंग (Anna Gang) के सभी सदस्य पकड़े जा चुके है। पांच दिन के पुलिस रिमांड (Police Remand) में प्रदीप अन्ना ने राज उगला है कि नई सराय में व्यापारी व हुडा सेक्टर में भाजपा नेता के बेटे के बाद अगला टारगेट शहर की मंडी के व्यापारी थे। लेकिन भाजपा नेता के बेटे को गोली लगने के बाद सरकार व पुलिस प्रशासन की सख्ती के आगे वह बेबस हो गए और भाग खड़े हुए। रिमांड अवधि में अन्ना से पुलिस ने एक रिवाल्वर व डायरी भी बरामद की है। इस डायरी में गैंग से जुड़े सदस्यों के नाम व पता लिखा हुआ है। अब तक इस गैंग से तीन रिवाल्वर व दो बाइक बरामद की जा चुकी है। रिमांड अवधि खत्म होने पर सोमवार गैंग लीडर प्रदीप अन्ना व नारनौल शहर के नई सराय में रहने वाला उसके सहयोगी लोकश उर्फ लक्की को अदालत में पेश किया। अदालत के निर्देश पर आरोपितों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक 27 अगस्त की सुबह नई सराय वासी रवि कुमार गुप्ता के आवास पर उसकी पत्नी को दो लोगों ने पर्ची थमाई और 50 लाख की डिमांड की। वहां भय कायम करने के लिए हवाई फायरिंग की और बाइक छोड़कर भाग खड़े हुए। इस घटना से उस दिन शहर में भय का वातावरण बना रहा। घटना के अगले ही दिन 28 अगस्त की रात करीब साढ़े सात बजे हुडा सेक्टर में भाजपा नेता दयाराम यादव के बेटे को 50 लाख डिमांड की पर्ची थमाई और पैर में गोली मारकर बदमाश भाग खड़े हुए थे। इस तरह की वारदान से शहर सहम गया था। विपक्ष ने सरकार के प्रतिनिधियों को घेरना शुरू कर दिया था। इसी बीच राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव ने मीडिया को एसपी सुलोचना गजराज पर ही बदमाशों से मिले होने व भ्रष्टाचार जैसे कई गंभीर आरोप लगाए थे। इससे यह मामला तूल पकड़ गया और एसपी का तबादला गुरुग्राम में हो गया। एसपी ने जाने से पहले मंत्री का नाम लिखे बिना एफआईआर दर्ज करवा दी। जिससे यह मामला ओर गरमा गया। वहीं दूसरी ओर पुलिस भी सजग हो गई। पुलिस ने इस वारदात में शामिल तीन आरोपित सोमवीर, रोहित व राकेश को 4 सितम्बर को गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपित सोनू व विकास को पकड़ा। पांच आरोपित पकड़ने के बाद पुलिस ने प्लान का मास्टर माइंड आरोपित प्रवीण को गिरफ्तार किया। सीआईए पुलिस इस गैंग के लीडर प्रदीप अन्ना की तलाश में प्रदेश व अन्य पड़ोसी राज्यों में तलाश कर रही थी। आरोपित लगातार ठिकाना बदल रहा था। पुलिस के मुताबिक इसी बीच अन्ना व उसके साथ लोकेश के पास रुपए खत्म हो गए और चारों तरफ से पुलिस दबाव के चलते दोनों ने मंगलवार रात सीआईए कार्यालय में आकर सरेंडर कर दिया।

अन्ना ने साथियों से कहा...गोली मारकर हमने बड़ी गलती की

पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार के मुताबिक पुलिस रिमांड में प्रदीप अन्ना ने सीआईए को बताया कि फिरौती मांगने की हमारी शुरुआत थी। हमारा अगला टारगेट शहर मंडी नारनौल के व्यापारी थे, पर भाजपा नेता दयाराम के बेटे को गोली मारनी बहुत महंगी पड़ी। अगले दिन वाट्सअप पर न्यूज पढ़ी तो वह डर गए और उसने अपने साथियों से कहा कि गोली मारकर यह हमनें बड़ी गलती कर दी हैं। अब हमें यहां से भाग जाना चाहिए। मंैने सभी गैंग के सदस्यों के नाम व नंबर और पता अपनी डायरी में लिख लिया। हम अलग-अलग होकर नारनौल से भाग गए। पुलिस की लगातार दबिश से डर के मारे अलग-अलग शहरों में भागता रहा। पैसा भी खत्म हो गया। एक-दो जगह रुपए मांगे, पर नही मिले। आखिर उसे साथी लोकेश के साथ सीआईए भवन में जाकर सरेंडर करना पड़ा।

मथूरा से लिया अवैध हथियार

पुलिस नरेश कुमार ने बताया कि आरोपित अन्ना ने पूछताछ पर बतलाया है कि साल 2009 में नारनौल मंडी के व्यापारी को गोली मारने के जुर्म में वह जेल में बंद था। वहां जेल में उसकी मुलाकात कासनी गांव के एक लड़के से हुई। यह लड़का हत्या के मामले में बंद था। तभी से उसके साथ दोस्ती चली आ रही थी। उसी के साथ वह जनता कर्फ्यू से पहले मथुरा के पास एक गांव से अवैध हथियार लाया था। उसके बाद इसी दोस्त के दोस्त प्रवीन की मदद से हमने यह गैंग तैयार की।

सीआईए व साईबर सेल में बढ़ाए जाएंगे जवान : एसपी

एसपी चंद्रमोहन ने बताया है कि सीआईए व साईबर शाखा जिला पुलिस की सबसे ज्यादा मजबूत पुलिस एजेंसी है। जो आपसी ताल-मेल से वांछित व खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार करते हैं। अब ओर कुशल कर्मचारी सीआईए व साईबर शाखा में बढ़ाए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की गैंग पनपने ही नहीं।


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