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'केजरीवाल' बनना चाहते हैं गुरनाम सिंह चढूनी, अनिल विज ने साधा निशाना

अनिल विज ने कहा कि वर्ष 2012 में अन्ना हजारे के आंदोलन से भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जुडे़ लोगों ने भी मुख्य मुददों को छोड़कर अपना मकसद हासिल किया और 'केजरीवाल' बन गए।

केजरीवाल बनना चाहते हैं गुरनाम सिंह चढूनी, अनिल विज ने साधा निशाना
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चंडीगढ़। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को आडे़ हाथों लेते हुए कहा कि चढूनी किसान आंदोलन के माध्यम से 'केजरीवाल' बनना चाहते हैं क्योंकि वर्ष 2012 में अन्ना हजारे के आंदोलन से भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा जुडे़ लोगों ने भी मुख्य मुददों को छोड़कर अपना मकसद हासिल किया और 'केजरीवाल' बन गए। इसी प्रकार, इस किसान आंदोलन में भी बहुत सारे किसान नेता 'केजरीवाल' बनना चाहते है।

विज ने कहा कि वर्ष 2012 में अन्ना हजारे का आंदोलन हुआ था और बहुत सारे लोगों की जनभावनाएं उनके साथ जुड़ी थी लेकिन कुछ लोग उसमें अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए जुड़े हुए थे, इन लोगों ने अपना राजनीतिक मकसद भी हासिल किया और मुख्य मुदे को छोड़ दिया और वो 'केजरीवाल' बन गए। उसी प्रकार, इस किसान आंदोलन में भी बहुत सारे किसान नेता 'केजरीवाल' बनना चाहते हैं और उनका राजनीतिक उदेश्य है, उनमें से चढूनी भी एक हैं। इसीलिए ये लोग इस आंदोलन को किसी अंजाम तक पहुंचने नहीं देना चाहते और ये लोगों की भावनाओं को भड़का रखना चाहते हैं। विज ने कहा कि बार-बार केन्द्र सरकार के बुलाने पर भी ये लोग बातचीत नहीं करना चाहते हैं क्योंकि इनको किसानों के हित से कुछ लेना-देना नहीं हैं, ये तो किसानों के माध्यम से अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि बनाना चाहते हैं और इनमें से कई 'केजरीवाल' बनने के सपने ले रहे है।

इसके अलावा, इन लोगों का आपस में टकराव भी हैं और इसलिए इन्होंने 'चढूनी' को सात दिन के लिए अपने मंच से संस्पेंड किया है लेकिन फिर भी इनमें से बहुत सारे लोग हैं जो 'केजरीवाल' बनना चाहते हैं। विज ने कहा कि लोगों को इनकी हैसियत पता है, लोगों को इनका मकसद भी पता है और बार-बार लोग इनके धोखे में भी नहीं आते है और अब लोग पूरी तरह से सचेत है, जागरूक है और इन्हें जानते है।

कांग्रेस के महगांई को लेकर किए गए प्रदर्शन के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि विश्व भर में कोरोना महामारी आई है इस बीमारी ने अर्थ-व्यवस्था को सभी ओर से प्रभावित किया है लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने बार वित्तीय इनपुट देकर इसको संभालने की कोशिश की है। इसके अलावा, कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी केन्द्र सरकार ने एक लाख 25 हजार करोड़ का वित्तीय पैकेज दिया है ताकि अर्थ व्यवस्था को संभाला जा सके। विज ने कहा कि कांग्रेस विपक्ष में हैं और उनको बोलने का अधिकार है लेकिन हमारी सरकार इससे बाहर निकलने के सारे उपाय कर रही है।

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