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डीजीपी यादव को एक्सटेंशन मिलने से नाखुश हैं अनिल विज, बताया यह कारण

वहीं सीएम मनोहरलाल ने साफ कर दिया है कि वर्तमान डीजीपी को एक साल का एक्सटेंशन आईबी की ओर से भी दे दिया गया है। उसके बावजूद अगर डीजीपी जाना चाहेंगे अथवा सरकार उनको भेजना चाहेगी।

डीजीपी यादव को एक्सटेंशन मिलने से नाखुश हैं अनिल विज, बताया यह कारण
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मंत्री अनिल विज और डीजीपी मनोज यादव।

चंडीगढ़। सूबे के गृहमंत्री अनिल विज जहां प्रदेश के वर्तमान डीजीपी मनोज यादव को किसी भी सूरत में एक्सटेंशन प्रदान करने के मूड में नहीं हैं, वहीं मंगलवार को प्रदेश के सीएम मनोहरलाल ने साफ कर दिया है कि वर्तमान डीजीपी को एक साल का एक्सटेंशन आईबी की ओर से भी दे दिया गया है।

उसके बावजूद अगर डीजीपी जाना चाहेंगे अथवा सरकार उनको भेजना चाहेगी, तो यह एक प्रशासनिक मामला है। इतना ही नहीं एक्सटेंशन से नाराज गृहमंत्री अनिल विज ने अब पत्र लिखकर वर्तमान पुलिस प्रमुख के कामकाज को लेकर अंसतुष्टि जाहिर करते हुए साफ कर दिया है कि किसान आंदोलन के साथ-साथ कानून व्यवस्था को लेकर डीजीपी कंट्रोल करने में पूरी तरह से असफल रहे हैं। विज ने इस बाबत मंगलवार को एक पत्र लिखकर एसीएस होम और सीएमओ के माध्यम से यह केंद्रीय गृहमंत्रालय को भेज दिया है। कुल मिलाकर डीजीपी को लेकर गृहमंत्री किसी भी तरह से कोई समझौता करने के मूड में नहीं हैं, इसीलिए जल्द ही राज्य की ओर से नामों का पैनल भेजने की तैयारी कर ली गई हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा पत्र

विज ने इस बाबत मंगलवार को एक पत्र लिखकर एसीएस होम और सीएमओ के माध्यम से यह केंद्रीय गृहमंत्रालय को भेज दिया है। कुल मिलाकर डीजीपी को लेकर गृहमंत्री किसी भी तरह से कोई समझौता करने के मूड में नहीं हैं, इसीलिए जल्द ही राज्य की ओर से नामों का पैनल भेजने की तैयारी कर ली गई हैं। भरोसेमंद उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि केंद्र को पैनल भेजने के लिए भी तैयारी कर ली गई है। गृहमंत्री अनिल विज के साथ ही यह भी तय है कि गृह विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा और अफसरों को नए नामों का पैनल भेजना होगा, इस पैनल से जब तक राज्य को नाम वापस आएंगे, तब तक डीजीपी मनोज यादव के पास कमान रहेगी। लेकिन गृहमंत्री की नाराजगी के कारण आने वाले वक्त में उनका यहां टिकना बेहद ही मुश्किल बात नजर आ रही है। मंगलवार को आईबी की ओर से मनोज यादव की सेवाएं राज्य को दिए जाने वाला लैटर भी चर्चा में रहा है। बीती 21 फरवरी को डीजीपी यादव का कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन उनको सरकार की ओऱ से अगले आदेश तक एक्सटेंशन दी गई थी। गृह मंत्री मामले में खफा हैं, साथ ही नए चेहरे को जिम्मेदारी सौंपने के पक्ष में हैं।

पैनल में शामिल अफसरों के नाम

अब जो पैनल तैयार कर एसीएस होम की ओऱ से सीएमओ में भेजा जा रहा है, उसमें वर्तमान डीजीपी मनोज यादव का नाम भी भेजा जाएगा। इस तरह से सात नामों का पैनल अब आठ का हो जाएगा। बाकी अफसरों की बात करें, तो पीके अग्रवाल, आकिल मोहम्मद और डाक्टर आरसी मिश्रा के नाम शामिल हैं। सात वरिष्ठ आईपीएस अफसरों के नाम शामिल होंगे। इनमें तीन डीजी रैंक के अफसर और चार एडीजी रैंक के अफसर नियम और सेवा शर्तों, अनुभव आदि में शामिल हो रहे हैं। डीजीपी के लिए तीस साल की सेवा अनिवार्य की गई है। दूसरी तरफ छह माह से ज्यादा का सेवा कार्यकाल बचा होना चाहिए। लिहाजा 1984 बैच एसएस. देसवाल और 1986 बैच के केके सिंधु दौड़ से बाहर हो गए हैं, क्योंकि इनकी रिटायरमेंट इसी वर्ष 31 अगस्त को है। पैनल में 1988 बैच के पीके अग्रवाल, 1989 बैच से मोहम्मद अकिल और डाक्टर आरसी मिश्रा के नामों पर ही विचार होगा। तीन दशक की नौकरी पूरी कर चुके अफसरों में 1990 बैच के एडीजीपी शत्रुजीत कपूर, देशराज सिंह, एसके जैन का नाम पैनल में शामिल होगा।

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