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महिला सशक्तिकरण : कैथल की इस महिला के हरियाणवी लहजे से प्रभावित हुए थे अमिताभ बच्चन

अनीता सहारण कौन बनेगा करोड़पति की सेलिब्रिटी रह चुकी हैं। गांव से महानगरों की डगर तय करते हुए किसी प्रकार महिलाएं अपनी संस्कृति का असर नामी हस्तियों पर कर सकती हैं इसका उदाहरण वे पेश कर चुकी हैं।

महिला सशक्तिकरण : कैथल की इस महिला के हरियाणवी लहजे से प्रभावित हुए थे अमिताभ बच्चन
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कौन बनेगा करोपड़ति कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन के साथ अनीता सहारण (फाइल फोटो)

सूरज सहारण : कैथल

जिला कैथल की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का आभास राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करवा रही हैं। इस कड़ी में कलायत उप मंडल के गांव कौलेखां की बहु अनीता सहारण सामाजिक जागृति की दिशा में नीत नई इबारत लिख रही हैं। वे कौन बनेगा करोड़पति की सेलिब्रिटी रह चुकी हैं। गांव से महानगरों की डगर तय करते हुए किसी प्रकार महिलाएं अपनी संस्कृति का असर नामी हस्तियों पर कर सकती हैं इसका उदाहरण वे पेश कर चुकी हैं।

बिग बी अमिताभ बच्चन के सवालों का जिस प्रकार उन्हाेंने बगैर विचलित हुए जवाब दिया उसके कारण वे हमेशा चर्चा में रही हैं। अनीता सहारण के हरियाणवी लहजे से अमिताभ बच्चन बेहद प्रभावित हुए और उनके साथ ग्रामीण परिवेश में महिलाओं की स्थिति पर खुलकर चर्चा की थी। फिल्म जगत में महान विभूतियों की छवि के साथ छेड़छाड़ करने वाले निर्माताओं के खिलाफ उन्होंने खुलकर आवाज उठाई है। वे हमेशा इस बात की पक्षधर रही हैं कि फिल्मों, नाटकों और अन्य कार्यक्रमों में किसी प्रकार की फूहड़ता का स्थान नहीं होना चाहिए। प्रसारण ऐसा हो कि परिवार के तमाम सदस्य एक साथ बैठकर देखने में किसी प्रकार का संकोच न करें।

इससे देश का भविष्य परिवार से अलग नहीं होगा। परिणामस्वरूप एक जुड़ाव कुनबे में कायम रहेगा। भारतीय संस्कृति में नाटकों, कहानियों, सांग, रामलीला मंचन सहित तमाम तरह के मंचों ने निरंतर संस्कृति को सुदृढ़ करने का काम किया है। यह रिवायत सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण रही है। अनीता का कहना है कि जब-जब फिल्मों और नाटकों के साथ-साथ तमात तरह के आदर्श मंचनों का इतिहास लिखा जाएगा उसमें भारत का नाम सबसे पहले आएगा। इसके साथ ही महिलाओं को घूंघट से बाहर लाते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सहभागिता दर्ज करवाने के लिए प्रेरित करती आई हैं। ग्रामीणों को मतदान के प्रति उत्साहित करने की दिशा में अनीता ने वर्ष 2019 लोकसभा चुनाव में अनूठी पहल की थी। इसके तहत मतदान कंेद्रों पर दीपावली की तरह दीप जलाते हुए चुनाव को शांति पूर्व ढंग से पर्व की तरह मनाने की अलख जगाई।

पति के साथ, ससुर व ग्रामीण परिवेश के संस्कारों ने बदली जीवन की दिशा

अनीता सहारण ने बताया कि उनके पति धर्मवीर कौलेखां ने सामाजिक कार्यों में उनका खुलकर साथ दिया है। किसान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते धर्मवीर कौलेखां जमीन से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही उनके ससुर स्वर्गीय चमेला राम ने गांव के मुखिया रहते हुए जिस प्रकार ग्रामीणों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास व महिला शिक्षा की अलख जगाई उससे वे प्रभावित रही हैं। कलायत स्थित श्री कपिल मुनि महिला कालेज को मजबूत देने के लिए कमरों और अन्य निर्माण कार्यों में ससुर का योगदान रहा। इस प्रकार के सांझे प्रयासों से ही कलायत क्षेत्र की बेटियों को उच्च शिक्षा का अवसर अपने इलाके की दहलीज पर मिला जो कि नारी सशक्तिकरण में बड़ा कदम है।

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