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बजट सत्र : राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित

स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण राज्यपाल मात्र छह मिनट ही बोले और एक पेज पढ़कर कहा कि इसे पढ़ा समझा जाए। राज्यपाल अभिभाषण को लेकर बेहद ही कम समय में अपनी बात कहकर चले गए।

बजट सत्र : राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित
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हरियाणा विधानसभा "बजट-सत्र" 2021 की शुरुआत शुक्रवार को हुई। पहले दिन की कार्यवाही में राज्यपाल सत्यदेव आर्य बजय अभिभाषण के लिए पहुंचे, इस दौरान परंपरागत तरीके से विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री ने पहुंचते ही स्वागत किया।राज्यपाल ने इस बार भी स्वास्थ्य कारणों से अभिभाषण पत्र का एक ही पेज पढ़ा और लगभग छहः मिनट का समय ही लिया। इसके बाद सदन के नेता मुख्यमंत्री मनोहरलाल व नेता विपक्ष ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। जिसके तुरंत बाद कृषि कानूनों के विरोध और किसानों के समर्थन सहित कईं विषयों को लेकर नेता विपक्ष और कांग्रेसी विधायकों ने शोरगुल की शुरुआत कर दी। कांग्रेस के सदस्य खड़े होकर प्राइवेट बिल को रद् कर दिए जाने का विरोध भी जता रहे थे।

शुक्रवार को दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही की शुरुआत हुई। इस कार्यवाही से पहले विधानसबा में बीएसी (बिजनेस एडवाइजरी कमेटी) की बैठक हुई थी। जिसमें सदन की कार्यवाही चलाने का शैडयूल तय किया गया। विधानसभा में सबसे पहले परंपरा के हिसाब से राज्यपाल का मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्य़क्ष ज्ञानचंद गुप्ता, डिप्टी सीएम ने स्वागत किया। राज्यपाल ने छह मिनट लगाए और सरकार के कार्यों पर रोशनी डालते हुए भूरि-भूरि प्रशंसा की। एक पेज पढ़ने के बाद में उन्होंने बाकी को पढ़ समझा जाए कहकर भाषण की समाप्ति की।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कोविड के दौरान हुए उल्लेखनीय काम, कोविड वैक्सीन आ जाने और राज्य में सभी वर्गों की भलाई के लिए उठाए जा रहे कदमों पर प्रशंसा की। कृषि, किसान, गरीब मजदूर, युवाओं, महिलाओं, गरीब वर्गों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों के बारे में अभिभाषण में विस्तार से लिखा गया है। राज्यपाल ने शुभकामनाएं दीं और प्रदेश के हित और कहा मेरी सरकार भरपूर कदम उठा रही है।

सबसे पहले राष्ट्रगीत और बाद में राष्ट्रगान

राज्यपाल हरियाणा सत्यदेव नारायण आर्य पहुंचे। सबसे पहले राष्ट्र गीत वंदे मातरम औ राज्यपाल के जाते वक्त राष्ट्रगान हुआ। इसके बाद में आधा घंटा सदन की कार्यवाही में ब्रेक हुआ और राज्यपाल चले गए। जिसके बाद में कार्यवाही की शुरुआत हुई, तो सदन के नेता मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धा समुन अर्पित किए, उनके बाद में नेता विपक्ष पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी शोक प्रस्तावों पर अपनी ओर से श्रद्धा सुमन अर्पित किए। विपक्ष के नेता ने सीमा पर किसान आंदोलन के दौरान दो सौ से ज्यादा किसानों की मौत पर भी शोक श्रद्धाजंलि अर्पित की। हालांकि यह शोक प्रस्तावों में पहले से नहीं थी। कांग्रेस की ओऱ से बीबी बतरा और अन्य विधायकों किरण चौधरी, आफताब अहमद, गीता भुक्कल अन्य ने प्राइवेट बिल रद् करने, अविश्वास प्रस्ताव को पहले ही दिन स्वीकार किए जाने को लेकर शोरगुल किया। इसके अलावा एमएसपी की गारंटी देने की मांग करते हुए सदन में चर्चा की मांग की। स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने साफ कर दिया है कि केंद्र की ओर से बनाए गए कानून को लेकर राज्य की विधानसभा में कोई चर्चा नहीं होगी। गुप्ता ने साफ कर दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जहां से स्टे दे दिया गया है, इसीलिए इस पर चर्चा का कोई अर्थ नहीं। स्पीकर ने प्राइवेट बिल रद् कर दिए जाने के कारण भी गिनवाए। सदन में गृहमंत्री अनिल विज ने भी कांग्रेसियों द्वारा राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के दौरान भी काली पट्टी नहीं उतारने को राष्ट्र का अपमान बताते हुए स्पीकर से कार्रवाई की मांग की। लेकिन शोरगुल के बीच स्पीकर ने सभी को शांत करते हुए सदन के नेता को शोक प्रस्ताव पढ़ने देने के लिए कहा।

सैनिकों, राजनेताओं व उनके रिश्तेदारों के निधन पर दो मिनट का मौन

पहले दिन दिवंगत सैनिकों, राजनेताओं और उनके रिश्तेदारों के निधन का उल्लेख करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए, इसके बाद में स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने सदन में सभी सदस्यों के साथ दो मिनट का मौन रखा। सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे से शुरू हुई और लगभग चार बजे तक चली। पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद में कार्यवाही के दौरान शोरगुल और बहस कर रहे कांग्रेसी विधायकों को स्पीकर ने बार बार बैठने के लिए कहा लेकिन नहीं बैठने पर पहले दिन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

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