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हरियाणा विधानसभा में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटे रुपये हड़पने का आरोपी गिरफ्तार, हुए कई चौकाने वाले खुलासे

विधान सभा सचिवालय ने 26 अक्तूबर को सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई। अगले दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 8 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। उसकी चालाकी इस कदर थी कि वह उम्मीदवारों को रोल नंबर जारी कर साक्षात्कार में शामिल होने से रोक देता था।

हरियाणा विधानसभा में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटे रुपये हड़पने का आरोपी गिरफ्तार, हुए कई चौकाने वाले खुलासे
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विधानसभा सचिवालय में पत्रकारों से बात करते हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता।

चंडीगढ़। पहले हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन की परीक्षा में पूछे गए सवालों को लेकर मामला अभी तक ठंडा भी नहीं पड़ा है, अब हरियाणा विधानसभा में विभिन्न पदों पर भर्ती कराने के नाम पर लोगों से पैसा हड़पने का मामला सामने आया है। पूरे मामले में उक्त युवक को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसका आठ दिनों का पुलिस रिमांड भी लिया गया है।

हरियाणा विधानसभा सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी राशि हड़पने वाले गिरोह पर शिकंजा कसते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने दो टूक कहा कि वे इस तरह के मामले में किसी भी तत्व को बख्शने वाले नहीं है। सचिवालय के अधिकारियों ने इस तरह के तत्वों को काबू कर पुलिस के हवाले कर दिया है। फिलहाल मुख्य आरोपी 8 दिन के रिमांड पर है। विधान सभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने वीरवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। विधान सभा सचिवालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि विधानसभा सचिवालय नौकरियों में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है। कुछ माह पूर्व यहां कनिष्ठ अभियन्ता, रिपोर्टर हिंदी और अंग्रेजी, जुनियर स्केल स्टैनोग्राफर, लिपिक, टेलिफोन अटेंडेंट, टेलिफोन ऑपरेटर, हिंदी टाइपिस्ट, रिकॉर्ड रिस्टोटर और चौंकीदार पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। अंग्रेजी रिपोर्टर पद के लिए साक्षात्कार देने पहुंचे उम्मीदवार नीरज का रोल नंबर संदिग्ध पाया गया। जांच में पता चला कि नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह की ओर से यह फर्जी रोल नंबर तैयार किया है। गिरोह के सरगना की पहचान अंबाला जिला के रछेड़ी निवासी जितेंद्र के रूप में हुई है।

विधानसभा में बुलाकर सख्ती से हुई पूछताछ में खुलासा

विधानसभा के सुरक्षा विंग आरोपी जितेंद्र को सचिवालय बुलाकर उससे पूछताछ की तो अनेक चौकाने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि उसने ना सिर्फ हरियाणा विधानसभा सचिवालय बल्कि हरियाणा पुलिस में भी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से राशि ऐंठी है। आरोपी ने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से स्वयं के 3 पहचान पत्र भी बना रखे हैं। वह स्वयं को सरकारी कर्मचारी बता कर लोगों से मोटा पैसा ऐंठता था। कुछ को वह किसी मंत्री का पीए भी बताता था। शातिर युवक से रिमांड के दौरान भारी खुलासा होने की उम्मीद लगी हुई है, मामला चंडीगढ़ पुलिस के पास में है। बताया जा रहा है कि उक्त युवक छह-सात अलग9अलग सिम का इस्तेमाल किया करता था। इनके माध्यम से ही ठगी की जाती थी।

विधान सभा सचिवालय ने 26 अक्तूबर को सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई। अगले दिन पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 8 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। उसकी चालाकी इस कदर थी कि वह उम्मीदवारों को रोल नंबर जारी कर साक्षात्कार में शामिल होने से रोक देता था। इसके लिए वह उन्हें कोविड प्रोटोकॉल के चलते साक्षात्कार स्थगित होने की झूठी जानकारी देता था। इसी दौरान रश्वित की अगली खेप हासिल कर लेता था।

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