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घर आया 76 लाख का बिल, बिजली निगम पर केस करने की तैयारी में उपभोक्ता

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा अनाप-शनाप बिजली के बिल भेजने पर उपभोक्ता खासे परेशान हैं। आरोप है कि गलत बिल भेजकर कर उपभोक्ताओं को परेशान किया जाता है और बिल ठीक करने के नाम पर उनका तरह-तरह से शोषण किया जाता है।

घर आया 76 लाख का बिल, बिजली निगम पर केस करने की तैयारी में उपभोक्ता
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बिजली मीटर

हरिभूमि न्यूज: गुरुग्राम

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम द्वारा अनाप-शनाप बिजली के बिल भेजने पर उपभोक्ता खासे परेशान हैं। आरोप है कि गलत बिल भेजकर कर उपभोक्ताओं को परेशान किया जाता है और बिल ठीक करने के नाम पर उनका तरह-तरह से शोषण किया जाता है। इसी प्रकार का एक मामला वर्ष 2019 में सामने आया। जिसमें उपभोक्ता को 76 लाख 20 हजार 138 रुपए की धनराशि का बिजली का बिल थमा दिया गया था।

उपभोक्ता मिनेंद्र कुमार निवासी हाऊसिंग बोर्ड कालोनी सेक्टर 31 ने अपने अधिवक्ता क्षितिज मेहता से संपर्क किया तो बिजली निगम की साऊथ सिटी सब डिविजन के एसडीओ ने 11 लाख 86 हजार 722 का बनवा दिया। लेकिन दिसम्बर 2020 में जो बिल आया तो वह 83 लाख 13 हजार 526 रुपए का था। बिजली निगम ने उपभोक्ता से कहा कि वह डेढ़ लाख रुपए जमा कर दे, जो उसने जमा भी कर दिए। लेकिन बिजली निगम उस पर पूरी धनराशि जमा करने का दबाव बनाता रहा और उसे धमकी दी गई कि यदि उसने पूरा बिल नहीं भरा तो उसका बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। अधिवक्ता का कहना है कि गत 27 जनवरी को उन्होंने उपभोक्ता की ओर से बिजली निगम के प्रबंध निदेशक सहित सभी उच्चाधिकारियों को लीगल नोटिस भेजा। जिसमें, बिजली निगम के अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन प्रबंध निदेशक व अन्य अधिकारियों ने लीगल नोटिस का जबाव तक भी नहीं दिया। उनका कहना है कि इसके बाद बिजली निगम ने फरवरी माह में 7 लाख 82 हजार 471 रुपए का बिजली का बिल भेज दिया।

जिससे उपभोक्ता यह सोचने पर बाध्य हो गया कि वह कौन सा बिल सही माने। अधिवक्ता का कहना है कि पहले 83 लाख 13 हजार 526 का बिल, फिर उसको 7 लाख 82 हजार 471 रुपए का कर दिया। इससे बिजली निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह अवश्य लगता है कि निगम द्वारा गलत बिल भी बनाए जाते हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान होते हैं और निगम की बड़ी बदनामी भी होती है। उपभोक्ता का कहना है कि वह बिजली निगम के खिलाफ ह्रासमेंट करने का केस भी फाइल कराने की तैयारी कर रहा है। उसका यह भी कहना है कि इस डिविजन में पहले भी काफी गड़बड़ हुई थी और कई कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया गया था।

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