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गंगा में छलांग लगाकर सोशल मीडिया में छाई हरियाणा की ये 75 वर्षीय दादी, देखें वीडियो

बुजुर्ग ओमपति का यह कारनामा सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई अचंभित है। गंगा में छलांग लगा दादी रातो-रात सोशल मीडिया पर देश की नई सनसनी बन गई हैं। ओमपति ने यह कारनामा पहली बार नहीं किया है, वह जब कभी भी हरिद्वार जाती है तो पुल से गंगा में छलांग लगाना नही भूलती।

गंगा में छलांग लगाकर सोशल मीडिया में छाई हरियाणा की ये 75 वर्षीय दादी, देखें वीडियो
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हरिभूमि न्यूज. सोनीपत

हरिद्वार में गंगा नदी में छलाग लगाकर हरियाणा की 75 वर्षीय दादी सोशल मीडिया (Social media) पर छा चुकी है। दादी के हौसलों को देखकर सभी हैरान हैं। दादी ओमवती गांव सोनीपत जिले के बंदेपुर की रहने वाली है।

हरिद्वार में हर की पौड़ी पर 40 फिट की ऊंचाई से गंगा में छलांग लगाने वाली बुजुर्ग महिला का वीडियो तो आपने भी देखा होगा। बस ओमपति वो ही बुजुर्ग हैं, जोकि हर की पौड़ी से गंगा में छलांग लगाती हैं और उसके बाद बेहद फुर्ती से पानी के तेज बहाव को चीरते हुए किनारे पहुंच जाती हैं। बुजुर्ग ओमपति का यह कारनामा सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई अचंभित है। गंगा में छलांग लगा दादी रातो-रात सोशल मीडिया पर देश की नई सनसनी बन गई हैं। ओमपति ने यह कारनामा पहली बार नहीं किया है, वह जब कभी भी हरिद्वार जाती है तो पुल से गंगा में छलांग लगाना नही भूलती। तीन-चार दिन पहले बनाई गई इस वीडियो को किसी ने वायरल कर दिया। इसके बाद से ओमपति को लेकर पूरे देश में सनसनी फैल गई है। लोग जानना चाह रहे हैं कि आखिर 75 साल की दादी की फुर्ती और फिटनेस का राज क्या है? देशी खानपान और सामान्य रहन-सहन वाली दादी अभी भी गंगा में छलांग लगाने को तैयार हैं। उम्र के जिस पड़ाव में आकर बुजुर्ग चारपाई पकड़ लेते हैं, बीमारियों से घिर जाते हैं, उस उम्र में भी गांव बंदेपुर निवासी ओमपति में गजब का जोश व जुनून है। बेखौफ व निडर होकर जीवन जीने वाली ओमपति ने अपनी सेहत का राज बताते हुए कहा कि हरियाणा के देसी खाने से उन्हें यह ताकत मिली है। बचपन से ही खूब घी-दूध खाया-पिया है। आज भी पौष्टिक आहार ही लेती हूं। घी-दूध के साथ फल खाती हूं और जूस पीती हूं। जिससे सेहत ठीक रहती है। ओमपति बताती हैं कि सुबह जल्दी उठना, प्रातकालीन भ्रमण पर जाना, नहाना, पूजा-पाठ करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं। यही कारण है कि आज भी शरीर में पहले जैसी ताकत बरकरार है। ओमपति कहती हैं कि आज के युवा फास्ट फूड तक सीमित हैं। पौष्टिक आहार उन्हें भाता नहीं है। यही कारण है कि युवाओं से आज भी डबल ताकत रखती हूं। अब ओमपति की इंस्टाग्राम पर देसी दादी के नाम से आईडी भी बनाई है, जहां 20 घंटों में 30 फॉलोवर्स हो गए हैं।

दो बेटों संग बंदेपुर में रहती है दादी ओमपति

ओमपति मूलरूप से बहादुरगढ़ के गांव जसौरखेड़ी की रहने वाली है। फिलहाल ओमपति परिवार के साथ जिले के गांव बंदेपुर में रह रही है। ओमपति के पति राजेंद्र सिंह देसवाल आर्मी से सेवानिवृत्त हैं। इनके दो बेटे अशोक व धर्मबीर हैं। दोनों चालक हैं और दोनों के तीन-तीन बच्चे हैं। नृत्य और तैराकी में पारंगत दादी ओमवती बताती हैं कि उन्होंने बचपन में अपने गांव थाना कलां के जोहड़ में तैरना सीखा था। हरिद्वार में युवाओं को पुल के ऊपर से गंगा में छलांग लगाते देखकर उसके मन में भी गंगा में छलांग लगाने की इच्छा हुई। वे पुल पर पहुंची और ओमपति ने गंगा में छलांग लगा दी और उफनती गंगा को तैरकर पार भी कर लिया।

सड़क हादसे में हुई थी घायल, हुआ था घुटनों का आपरेशन : बंदेपुर निवासी ओमपति के घुटनों का आॅपरेशन हो चुका है, उसके बावजूद भी वह हर कार्य में सक्रिय रहती है। ओमपति की पोती रेनू ने बताया कि कुछ साल पहले दादी सड़क दुर्घटना में घायल हो गई थी। उनके दोनों घुटनों का आॅपरेशन हुआ था। उसके बावजूद भी वह हमेशा अपना काम स्वयं करने में विश्वास रखती हैं। वे कभी नहीं डरती और हमें भी हमेशा सक्रिय रहती हैं। रेनू ने बताया कि दादी को नाचने-गाने का भी शौक है। जिसे पूरा करने में आज भी पीछे नहीं हटती। रेनू बताती हैं कि उन्हें सुनाई देना जरूर कम हो गया है, लेकिन आज भी हर काम को पूरी फूर्ति के साथ करती हैं। रेनू बताती हैं कि हाथ की चक्की चलाने से लेकर पशुओं का चारा लाने व काटने तक का कार्य दादी बड़ी सहजता से कर लेती हैं। दादी अपनी दिनचर्या के साथ ही दिन में हुक्का गड़गुड़ाना नहीं भूलती।


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