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70 फीसदी रोडवेज बसों में नहीं है फॉग लाइट और रेडियम टेप

धुंध के मौसम में बिना फॉग लाइट के रोडवेज चालक को सामने देखना मुश्किल भरा कार्य हो रहा है। यात्रियों ने बताया कि रोडवेज बस में फॉग लाइट नहीं है, इस कारण रोडवेज बसों में सफर करते समय हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।

70 फीसदी रोडवेज बसों में नहीं है फॉग लाइट और रेडियम टेप
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 रोडवेज बस

हरिभूमि न्यूज: रोहतक

धुंध का मौसम शुरू हो गया है। इसके बाद भी डिपो की 70 फीसदी रोडवेज बसों में फॉग लाइट और रेडियम टेप नहीं लगाई गई हैं। जिसकी चलते चालकों इस कारण धुंध में बसों चालकों के लिए सड़कों पर सफर करना परेशानी भरा हो रहा है।

सर्दी का मौसम शुरू हुए लगभग डेढ़ महीने से अधिक समय हो गया है, लेकिन अभी तक रोडवेज वर्कशॉप की तरफ से बसों को फॉग लाइटें नहीं लगाई गई है। धुंध के मौसम में बिना फॉग लाइट के रोडवेज चालक को सामने देखना मुश्किल भरा कार्य हो रहा है। यात्रियों ने बताया कि रोडवेज बस में फॉग लाइट नहीं है, इस कारण रोडवेज बसों में सफर करते समय हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। ठंड व धुंध के मौसम को देखते हुए फॉग लाइटों का प्रबंध किया जाना चाहिए।

कई बसों के पीछे रिफ्लेक्टर ही नहीं लगे है। कुछ के टूटे हुए हैं। ब्रेक लाइट भी बसों की खराब पड़ी है। बता दें कि धुंध के दौरान सड़क से गुजर रही बस दूर से ही दिखाई दे इसके लिए रिफ्लेक्टर लगाने जरूरी है, लेकिन रोडवेज की बसों में यह बहुत कम दिखाई दे रहा है। ऐसे में अगर कोई तेज गति से वाहन बस से टकराता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं कई बसों की ब्रेक लाइट खराब पड़ी हुई है। जिससे पीछे चलने वाले वाहनों को बसें दिखाई नहीं देती कुछ चालकों का कहना है कि धुंध के मौसम में बिना फॉग लाइट वाले वाहन को देखना संभव नहीं हो पाता है, जिससे सामने से आ रहा वाहन चालक गाड़ी नहीं देख पाता है और दुर्घटना हो जाती है। बसों के पीछे व साइड में रेडियम टेप या तो लगे ही नहीं हैं और अधिकतर बसों में टेप काफी गंदे हो चुके हैं, जिससे इन पर लाइट पड़ने पर भी चमक नहीं बन पाती है। इससे वाहन चालक वाहन का अंदाजा नहीं लगा पाता और दुर्घटना हो जाती है। कुछ ही बसों में लाइट लगानी है।

फॉग लाइट व रेडियम टेप लगाई जा चुकी

डिपो में कुल 199 बसें चल रही हैं। इनमें से अधिकतर बसों में फॉग लाइट व रेडियम टेप लगाई जा चुकी हैं। जबकि कुछ बसों में लाइटों की जरूरत नहीं होती है। कुछ की शिकायत आती है। उन पर भी लाइटें लगवा दी जाएगी। जोगिंद्र रावल, रोडवेज जीएम।

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