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कामकाज ठप : हरियाणा में 40 हजार निगम कर्मचारी रहे हड़ताल पर, सरकार को दी यह चेतावनी

प्रदेश की 59 नगर पालिकाओं, 21 नगर परिषदों और 10 नगर निगमों के नियमित अनुबंधित, ठेका प्रथा में कार्यरत चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों तथा अग्निशमन विभाग के 15 सौ कर्मचारियों सहित 40 हजार कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल की।

कामकाज ठप : हरियाणा में 40 हजार निगम कर्मचारी रहे हड़ताल पर, सरकार को दी यह चेतावनी
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते निगम कर्मचारी।

चंडीगढ़। प्रदेश की 59 नगर पालिकाओं, 21 नगर परिषदों और 10 नगर निगमों के नियमित अनुबंधित, ठेका प्रथा में कार्यरत चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों तथा अग्निशमन विभाग के 15 सौ कर्मचारियों सहित 40 हजार कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल की जिससे कार्यालय से लेकर फील्ड में सफाई, बागवानी, मेंटिनेंस, सीवर, सहित स्थानीय निकायों से सम्बन्धित सभी कामकाज ठप रहा।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य प्रधान नरेश शास्त्री ने हड़ताल की सफलता का दावा करते हुए कहा कि सामूहिक अवकाश लेकर की गई हड़ताल सरकार को भविष्य में बड़े आंदोलन की चेतावनी है। पूर्व में 24 अप्रैल और 25 अगस्त 2020 को किए गए समझौतों को लागू नहीं किया तथा 30 जुलाई के मांग पत्र पर बातचीत कर मांगों का समाधान नहीं किया तो सरकार को एक बार फिर पालिका कर्मचारियों की 1996-97 जैसी लंबी हड़ताल का सामना करना पड़ेगा। शास्त्री ने कहा कि कर्मचारी हड़ताल करके प्रदेश की जनता को परेशान नहीं करना चाहते इसलिए आगामी 12 सितंबर को मुख्यमंत्री के करनाल स्थित आवास पर शंख, घडिय़ाल, थाली बजा कर प्रदर्शन करेंगे।

यह हैं मांगें

छंटनी किए गए सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापिस लो, बंद किए गए फायर स्टेशनों को पुन: बहाल करो, अनुबंधित आधार के कर्मचारियों को समान काम समान वेतन दो तथा 10 मेडिकल व 10 कैजुअल छुट्टी लागू करो, ठेका प्रथा डोर टू डोर व ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वेतन एक समान 24 हजार रुपये करो, क्षेत्रफल आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारियों, सीवरमेन, फायर कर्मचारियों तथा तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती करो, नई एक्सग्रेसिया नीति रदद् करो, 1996 की एक्सग्रेसिया नीति बहाल करो, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग अन्य कच्चे कर्मचारियो की मृत्यु होने पर नौकरी दो, सीवरमेन को टेक्निकल ग्रेड दो, जीआईएस लागू करो, सीवरमेन व सफाई के कार्य को राष्ट्रीय श्रम घोषित करो, तृतीय श्रेणी के समान वेतनमान एवं पदोन्नति दो, ईएसआई-ईपीएफ घोटाले की जांच स्टेट विजिलेंस से करवाई जाए, पुरानी पेंशन बहाल करो, डीए का 18 महीने का एरियर दो, सफाई मजदूर सेवा नियम के आधार पर सफाई कर्मचारी व सीवरमेन के काम के घंटे तय करो तथा महिला सफाई कर्मचारियों को सुबह 1 घंटे की छूट दो, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को 100-100 वर्ग गज के प्लाट दो या आवासीय कॉलोनियों का निर्माण करो, पालिकाओं, परिषदों और नगर निगमों में आए ग्रामीण सफाई कर्मचारियों, ट्यूबवैल चालको व चौकीदारों को कर्मचारी का दर्जा देकर विभाग के रोल पर किया जाए तथा अन्य सुविधा दी जाए, बेगार प्रथा समाप्त हो।

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